पंजाब विजिलेंस ने बुढलाडा के वन रेंज अफसर सुखविंदर सिंह को ट्री गार्ड बनवाने में 52.69 लाख रुपये गबन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सुखविंदर सिंह ने मानसा के तत्कालीन वन मंडल अफसर अमित चौहान व अन्य के साथ मिलीभगत कर पहले फर्जी कंपनियों के जाली बिल तैयार किए, उसके बाद सरकारी पैसे को बैंक खाते में डालने के बाद निकलवा लिए।
सीमेंट के ट्री-गार्ड बनाने के लिए जारी 45.69 लाख रुपये और बांस के ट्री-गार्ड बनाने के लिए जारी सात लाख रुपये का गबन किया है। विजिलेंस के प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में एक मुकदमा पहले से मोहाली के थाने में दर्ज किया गया है, जिसमें पूर्व वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत भी आरोपी हैं। उन्हें गिरफ्तार भी किया जा चुका है। उसी मुकदमे के तहत यह मामला दर्ज कर सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
इस तरह किया गया लाखों का गबन
विजिलेंस के प्रवक्ता ने बताया कि साल 2021 में पेड़ काटने के बदले पेड़ लगाने की स्कीम के तहत प्रधान मुख्य वन पाल की ओर से 5872 आरसीसी ट्री-गार्ड की खरीद के लिए मानसा मंडल को मंजूरी दी गई थी। इसमें से 2537 ट्री-गार्ड वन मंडल अफसर मानसा की ओर से रेंज बुढलाडा को तैयार करवाने के लिए 45.69 लाख का बजट जारी किया गया था।
इस स्कीम के तहत वन रेंज अफसर बुढलाडा की ओर से सीमेंट के 2537 वृक्ष गार्ड तैयार करने के लिए मैसर्ज अम्बे सीमेंट स्टोर, चन्नो जिला संगरूर और एनएस जैन सीमेंट एंड एक्सेसरीज स्टोर पटियाला नामक फर्म से खरीदने के बिल हासिल किए गए। इन बिलों पर लिखी फर्म, जीएसटी और संपर्क नंबर के बारे में जांच के दौरान पता लगा कि इस नाम कोई फर्म नहीं हैं। जीएसटी नंबर भी फर्जी निकले।
विजिलेंस ने जांच में पाया कि सीमेंट वाले 2537 ट्री-गार्डों के लिए वन रेंज अफसर बुढलाडा ने वन रेंज अफसर मानसा अमित चौहान के साथ मिलकर फर्जी फर्मों के बिल बनाकर 45.69 लाख के सरकारी धन का गबन किया। इसके अलावा सुखविंदर सिंह ने दिसंबर 2021 में सात लाख रुपये के बांस के ट्री-गार्ड गुरु कृपा बैंबू स्टोर मानसा नामक फर्म से अलग-अलग बिलों के जरिए खरीदे लेकिन मौजूदा पते पर यह फर्म भी मौजूद ही नहीं मिली। इन जाली बिलों पर लिखा पैन नंबर भी फर्जी था। इससे साबित हुआ कि वन रेंज अफसर बुढलाडा ने तत्कालीन वन रेंज अफसर के साथ मिलीभगत कर फर्जी फर्मों के बिल तैयार करके सात लाख रुपये गबन किए हैं।