सिरसा में 179 में से केवल 27 बसें चलीं। 367 कर्मचारी गैर हाजिर रहे। दिल्ली जाने वाली बस को ड्राइवर पीसीआर की सुरक्षा में ले जा रहा था बस। परिजनों ने फोन पर सुरक्षा की चिंता जताई तो सिरसा फतेहाबाद जिले की सीमा पर स्थित गांव गिल्लाखेड़ा के पास से चालक ने बस वापस मोड़ ली। यात्री ने कंट्रोल रूम में शिकायत की तो पीसीआर फिर आई। डिंग मंडी से दोबारा 20 मिनट बाद बस चली, लेकिन कुछ ही यात्री सवार हुए। जीएम केआर कौशल ने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों को गैर हाजिर मानकर विभागीय कार्रवाई करेंगे।
सोनीपत में 50 बसें चलीं
सोनीपत में कर्मचारियों ने सोनीपत व गोहाना बस अड्डे पर धरना दिया। दोनों डिपो से 50 बसें ही चल पाई। अधिकारियों ने दावा किया कि 80 बसें चलीं। हड़ताल में 482 कर्मी शामिल रहे। रोडवेज को करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ। धरने पर छात्र एकता मंच सहित विभिन्न विभागों के कर्मियों ने समर्थन दिया।
पानीपत 41 बसें चलीं
पानीपत में 133 में से 92 बसें डिपो में खड़ी रहीं। सुबह 4 से 6 बजे के बीच डिपो से 12 बसें निकालीं। उच्च अधिकारियों ने जरूरत पड़ने पर इंस्पेक्टरों को परिचालक का पद देने की बात कही।
यमुनानगर में कोई बस नहीं चली
यमुनानगर में हड़ताल सफल रही। पुलिस सुरक्षा में सुबह चार बजे तीन बसें निकलीं। बाद में पूरा दिन चक्का जाम। विरोध करने पर एक कर्मचारी को पुलिस ने हिरासत में लिया। 11 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को टर्मिनेट करने के आदेश दिए।
कैथल में 65 बसें चलीं
कैथल में 130 में से 65 बसें सड़कों पर दौंड़ीं। जीएम ने स्वयं चलवाईं बसें। हड़ताल में शामिल अनुबंध पर कार्यरत चार ड्राइवरों को टर्मिनेट किया गया है। नए भर्ती हुए 42 ड्राइवरों को भी नोटिस दिया गया है।
बहादुरगढ़ सब डिपो में सोमवार रात 12 बजे से ही हड़ताल शुरू हो गई थी। छह संगठनों ने समर्थन दिया। डिपो में 62 बसें संचालित होती हैं। मंगलवार को पूरे दिन एक भी बस नहीं चली। इससे डिपो को 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पुलिस ने दोपहर ढाई बजे 61 हड़ताली कर्मियों को गिरफ्तार किया। सभी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बस स्टैंड पर 125 पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे।
फतेहाबाद में 57 चालकों को बर्खास्तगी का नोटिस
फतेहाबाद में सिरसा डिपो की पांच बसें सुबह तीन बजे से 7 बजे तक बस स्टैंड के बाहर से होकर ही गुजरीं। पुलिस सुरक्षा में बाहर निकाली बसें पौने घंटा इंतजार के बाद बिना कंडक्टर के भेजीं। विभाग ने हड़ताल में शामिल नवचयनित 57 ड्राइवरों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी किया है।
कुरुक्षेत्र में 13 कर्मचारियों पर केस, पांच गिरफ्तार
कुरुक्षेत्र में कर्मचारियों ने पूरी तरह चक्का जाम रखा। कर्मचारी अल सुबह ही बस अड्डे व पुलिस लाइन से बसें रूटों पर नहीं निकलने देने पर अड़ गए और नारेबाजी की। विभाग ने 13 कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के उल्लंघन पर पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन कर रहे पांच कर्मचारियों को गिरफ्तार किया। जिन्हें देर सायं अदालत से जमानत पर छोड़ दिया गया।
चरखी दादरी में पुलिस सुरक्षा और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में डिपो से केवल 16 बसें विभिन्न रूटों पर रवाना हुईं। कुछ बसों को अन्य जिलों में रुकवा दिया गया। कुछ बसों को शहर और शहर से बाहर रोडवेज कर्मियों ने रुकवा दिया। हड़ताल के कारण 70 प्रतिशत कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। इससे विभाग को 14 लाख का नुकसान हुआ। यहां रोजाना करीब 45 हजार यात्री सफर करते हैं।
बस स्टैंड से महज 100 मीटर दूर रोज गार्डन के सामने लोहारू बस लेकर जा रहे चालक से हड़ताली कर्मचारियों की बहस हुई। पुलिस ने मामला शांत करवाया। नारनौल जा रही एक बस को घसोला गांव के समीप रुकवा कर हवा निकाल दी। बसों के संचालन में व्यवधान पैदा करने पर जीएम धनराज कुंडू ने आठ नामजद सहित 16 के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है।
रेवाड़ी में छह चालक बर्खास्त, 30 चार्जशीट
रेवाड़ी में पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बावजूद 130 में से सिर्फ 21 बसें चलीं। एस्मा के तहत विभाग ने छह चालकों का अनुबंध समाप्त का बर्खास्त कर दिया है। 30 से अधिक चालकों को चार्जशीट किया गया है।
अंबाला में आठ कर्मचारी गिरफ्तार
अंबाला में हड़ताल कर रहे आठ कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके खिलाफ बलदेव नगर थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस की देखरेख में 130 में से सुबह 36 बसें रूट पर निकलीं। कंडक्टर नहीं होने के कारण दोपहर 12 बजे 18 बसों को वापस डिपो में खड़ा कर दिया गया। शाम को स्थिति कुछ सामान्य रही।
रोहतक में 27 कर्मचारी हिरासत में लिए
रोहतक में आंदोलित रोडवेज कर्मियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। विरोध करते हुए बसों के सामने लेटे कर्मियों को पुलिस ने हाथ-पैर पकड़कर बसों के अंदर डालकर 27 को हिरासत में लिया। इसके बाद वर्कशाप गेट पर धरना-प्रदर्शन खत्म हो गया। पुलिस की निगरानी में डिपो की बसें रूट पर रवाना की गईं। कर्मचारी नेताओं का दावा है कि रोहतक में 80 फीसदी सफलता मिली है। वहीं, रोहतक डिपो के महाप्रबंधक का दावा है कि 173 बसों में से 164 का संचालन किया गया है। कुछ लंबे रूट की बसें रोकी गई हैं।
नारनौल में 15 कर्मचारी हिरासत में
नारनौल डिपो से लंबे रूटों पर बसों का संचालन नहीं हुआ। केवल लोकल रूट पर ही बसें चलीं। कुछ रूटों पर बिना कंडक्टर के बसें चलीं। दोपहर एक बजे रोडवेज यूनियन नेताओं की वजह से बस सेवा करीब दो घंटे के लिए प्रभावित हुई। पुलिस ने 15 नेताओं को हिरासत में लिया है। सिटी थाना पुलिस ने आरोपियों पर एस्मा समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।