फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में रोडवेज का चक्का जाम: थमेंगे 2000 बसों के पहिए, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कच्चे कर्मचारी

Mon, 06 Sep 2021 12:15 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में बस का सफर करने वाले लोगों को आज से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी के कच्चे (संविदा) कर्मचारी सोमवार यानी छह सितबंर से हड़ताल पर होंगे। इससे राज्य में लगभग 2000 बसों का संचालन प्रभावित होगा। ये कर्मचारी पंजाब सरकार से नियमित करने की मांग कर रहे हैं। 
विज्ञापन
फाइल फोटो।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में अपनी मांगों को लेकर रोडवेज और पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। इसके कारण राज्य की 2000 रोडवेज बसों के संचालन पर पूरी तरह से ब्रेक लग जाएगी। हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों ने पक्के कर्मचारियों से आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है। इधर, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कच्चे और पक्के कर्मचारियों की भिड़ंत की आशंका जताई है और नौ जिलों के प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।

विज्ञापन


पंजाब में रोडवेज और पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारी काफी समय से पक्के करने की पंजाब सरकार से मांग करते आ रहे हैं लेकिन अभी तक यह पूरी नहीं हो पाई है। इसके कारण अब कच्चे कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। 

इधर, परिवहन विभाग ने हड़ताल से राज्य में परिवहन व्यवस्था बाधित नहीं होने का दावा किया है। विभागीय अधिकारियों ने नौ जिलों पटियाला, संगरूर, बरनाला, लुधियाना, कपूरथला, मानसा, मोहाली, बठिंडा और फरीदकोट के डिप्टी कमिश्नरों को पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने रविवार की शाम से संबंधित जिलों के बस अड्डों की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि हड़ताल के दौरान पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी संविदा कर्मचारी संघ बस सेवा को बाधित करने का प्रयास करेगा और उन कर्मचारियों और पर्यवेक्षी कर्मचारियों के साथ झगड़ा करेगा जो बस सेवा बहाल रखना चाहते हैं।
विज्ञापन


निजी बस संचालकों की रहेगी चांदी
पंजाब सरकार और पंजाब रोडवेज संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से निजी बस ऑपरेटर और बाहरी राज्यों की बसों को काफी फायदा मिलेगा। हड़ताल के कारण पंजाब की सड़कों से करीब 2000 सरकारी बसें बंद होने की संभावना है। जालंधर से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार तक बसों का संचालन करने वाला निजी बस माफिया हड़ताल का फायदा उठाएगा।

सरकार की मनमानी के कारण मजबूरी में आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी है। जल्द ही उनकी मांगों पर सरकार की ओर अमल नहीं किया जाता है तो वह आंदोलन को उग्र रूप देने को विवश हो जाएंगे। रेशम सिंह गिल, पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी संविदा कर्मचारी यूनियन, पंजाब

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें