पवन बंसल ने किया आरके भगत की किताब का विमोचन
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आरके भगत के गजल संग्रह ‘कितने बदले मौसम’ का विमोचन हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने इसकी खास बातें बताईं। चंडीगढ़ में सेक्टर-16 स्थित गांधी स्मारक भवन में रविवार को इसका विमोचन किया गया। यह आयोजन संवाद साहित्य मंच और आचार्यकुल चंडीगढ़ की ओर से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने गजल संग्रह ‘कितने बदलते मौसम ’का विमोचन करते हुए कहा कि पुस्तकें समाज का आइना होती हैं। समाज में जो भी घटित होता है साहित्यकार उसे अपनी रचनाओं के माध्यम से व्यक्त करता है। आरके भगत ने भी अपनी गजलों में समाज में व्याप्त विसंगतियों और इंसान के संघर्ष को बयान किया है।
साहित्यकार प्रेम विज ने बताया कि भगत ने अब तक छह पुस्तकों से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। इनकी गजलों में जीवन भी है, समाज भी है और आम आदमी की पीड़ा भी है। डॉ कैलाश आहलुवालिया ने कहा कि आरके भगत के गजलों में परिवर्तन की आहट सुनाई देती है। बीडी कालिया हमदम ने कहा कि उनके गीतों और गजलों में संगीत का तत्व मिलता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्यकुल के अध्यक्ष केके शारदा ने कहा कि आचार्यकुल समय समय पर साहित्य को प्रोत्साहित करने के लिए गोष्ठियों का आयोजन करता है। इसी कड़ी में गजल संग्रह पर भी गोष्ठी का आयोजन भी शामिल हैं। सुशील हसरत नरेलवी ने कहा कि गजल संग्रह में गजलनुमा कविताओं में प्यार, सामाजिक, राजनैतिक प्रपंच और भ्रष्ट व्यवस्था को उजागर किया गया है।
मंच का संचालन सुचित्रा ने किया जबकि गांधी स्मारक भवन के डायरेक्टर डॉ देवराज त्यागी ने लोगों का स्वागत किया। इससे पहले कार्यक्रम के शुरू में सोमेश ने सरस्वती वंदना और आरके भगत की गजल को संगीत में प्रस्तुत किया।