14 साल के लंबे इंतजार और कई बैठकों के बाद ट्राइसिटी में मेट्रो परियोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है। रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) ने चंडीगढ़ प्रशासन को मेट्रो परियोजना की इंसेप्शन यानी स्थापना रिपोर्ट सौंप दी है। जल्द ही कंपनी प्रशासन को एक प्रेजेंटेशन देगी, जिसके बाद वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट (एएआर) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का काम शुरू कर दिया जाएगा।
पहले चरण में मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला में 77 किलोमीटर तक मेट्रो नेटवर्क बिछाने की योजना है, जिसे वर्ष 2027 से 2037 तक पूरा किया जाएगा। इससे पहले राइट्स को एएआर में यह स्पष्ट करना होगा कि सीएमपी (कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान) के तहत मेट्रो के अलावा ऐसे कौन से अन्य विकल्प हैं, जो ट्राइसिटी में यातायात को सामान्य करने के लिए अपनाए जाने हैं। उसके बाद ही मेट्रो परियोजना की डीपीआर पर काम शुरू होगा।
प्रशासन को सौंपी गई स्थापना रिपोर्ट का उद्देश्य परियोजना के मूल्यांकन के लिए सुझाई गई समय सीमा और कार्य योजना पर दोनों पक्षों की आपसी सहमति को स्वीकार करना है। बता दें कि ट्राइसिटी मेट्रो की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए हरियाणा और पंजाब ने अपने-अपने शेयर जारी कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ट्राइसिटी में दो चरण में मेट्रो और तीन चरण में अन्य सभी काम पूरे होने हैं। ट्राइसिटी मेट्रो परियोजना पर प्रस्तावित कुल खर्च पहले 12960 करोड़ रुपये था लेकिन हरियाणा और पंजाब सरकार के सुझाव के बाद प्रस्तावित बजट को 16,509 करोड़ कर दिया गया। इसमें 60 फीसदी राशि केंद्र और 40 फीसदी राशि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की ओर से दी जाएगी।
मेट्रो परियोजना का पहला चरण (2027 से 2037)
- सारंगपुर से आईएसबीटी पंचकूला
- रॉक गार्डन से इंडिस्ट्रयल एरिया व चंडीगढ़ एयरपोर्ट होते हुए जीरकपुर आईएसबीटी
- अनाज मंडी चौक से ट्रांसपोर्ट नगर सेक्टर-26
दूसरा चरण (2037 से आगे)
- आईएसबीटी पंचकूला से पंचकूला एक्सटेंशन
- न्यू चंडीगढ़ से सारंगपुर
- एयरपोर्ट चौक से माणकपुर कल्लर
- आईएसबीटी जीरकपुर से आईएसबीटी पिंजौर
राइट्स की ओर से स्थापना रिपोर्ट मिल गई है। अब कंपनी कुछ दिनों में एक विस्तृत प्रस्तुति देगी, जिसमें यह तय होगा कि वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट (एएआर) के साथ कैसे आगे बढ़ेंगे। एएआर तैयार होने के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके लिए प्रशासक के सलाहकार से समय मांगा गया है। जल्द इस परियोजना का मार्ग प्रशस्त होगा। - प्रद्युम्न सिंह, निदेशक परिवहन, चंडीगढ़।