सोनीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर ने स्कूल के मैदान में घूमने गए युवक की धारदार हथियार व लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। गांव के ही रहने वाले पिता-पुत्र समेत तीनों दोषियों को अदालत ने उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह-छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गांव शहजादपुर निवासी अमरदीप ने 23 जुलाई, 2020 को सदर थाना सोनीपत पुलिस को बताया था कि उनके बड़े भाई दीपक शर्मा (32) 22 जुलाई, 2020 की रात को स्कूल के मैदान में घूमने गए थे। वह भी उस समय मैदान के पास था। इसी दौरान झगड़े की आवाज सुनकर जब वह मैदान में पहुंचे तो देखा कि गांव के सुरेंद्र, उसका बेटे धमू और एक अन्य ने उनके भाई को पकड़ रखा। सुरेंद्र व एक अन्य ने लाठी डंडों व धमू ने तेजधार हथियार से वार कर दीपक शर्मा को घायल कर दिया। उसने देखा कि सुरेंद्र, उसका बेटा धमू और एक अन्य हमलावर ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। शोर मचाने पर सभी भाग निकले।
आरोपियों की बाइक मौके पर ही रह गई थी। वह अपने भाई को घायल अवस्था में नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे था। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया था। अमरदीप के बयान पर आरोपी सुरेंद्र, उसके बेटे धमू व एक अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। तब अमरदीप ने पुलिस को बताया था कि उसके भाई दीपक शर्मा की गांव के सुरेंद्र के साथ एक सप्ताह पहले मामूली बात पर कहासुनी हो गई थी। सुरेंद्र ने उसके भाई दीपक से गलती मान ली थी। उन्हें नहीं था पता था कि गलती मानने के बाद भी आरोपी उससे रंजिश रखे हैं। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया। अब अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।