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चंडीगढ़ में रि. कर्नल का कारनामा: कोठी के बगल में बना दी सुरंग, बोले- मुझे जान का खतरा, देखकर अधिकारी भी दंग

Thu, 10 Oct 2024 11:18 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ के सेक्टर-35सी में रिहायसी इलाके में एक रिटायर्ड कर्नल ने अपनी कोठी के साथ सुरंग बना दी है। जब इसका खुलासा हुआ तो नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। कर्नल ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरंग बनाने की बात कही है। 
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कोठी के साथ सरकारी जमीन पर बना बंकर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ में सेवानिवृत्त कर्नल का कारनामा देख हर कोई हैरान है। रिटायर्ड कर्नल ने अपनी कोठी की बगल में सुरंग बनवा दी है। यह सरकारी जमीन है। कर्नल की कोठी सेक्टर-35सी में है। वीरवार को नगर निगम की टीम सेक्टर-35सी में सरकारी जमीन पर बनाए गए लोहे के अवैध ढांचे को गिराने पहुंची। कार्रवाई शुरू करते ही टीम के होश उड़ गए। क्योंकि यहां कंक्रीट से बना एक बेहद मजबूत सुरंग मिला, जो सरकारी जमीन के साथ लगते एक कोठी तक जा रहा था। इतना ही नहीं, घर के अंदर जगह-जगह लोहे की जालियां लगी हुई थीं। सुरक्षा के लिहाज से कई अन्य निर्माण भी किए गए थे।

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कंक्रीट से बना सुरंग इतना मजबूत था कि तोड़ने के लिए पहुंची नगर निगम की जेसीबी के अगले हिस्से में लगे दांत टूट गए। कोठी में रिटायर्ड कर्नल गुलजार राय रहते हैं। जब अधिकारियों ने रिटायर्ड कर्नल गुलजार राय से पूछा तो बताया कि उन्हें जान का खतरा है। कई लोग उनके पीछे पड़े हैं। उनकी संपत्ति को हड़पना चाहते हैं।

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ऐसे में उन पर कहीं से भी हमला हो सकता है, इसलिए उन्होंने खुद को सुरक्षित करने के लिए घर में जगह-जगह लोहे की जालियां लगवाई हैं। सुरंग के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके कोठी के नीचे कहीं से पानी आ रहा था। वह जानना चाहते थे कि पानी कहां से आ रहा है, इसलिए उन्होंने इस तरह का निर्माण कराया।

रिटायर्ट कर्नल ने नगर निगम ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि निगम ने गलत किया है। उन्होंने अपनी सारी पेंशन इस निर्माण पर लगा दी है। निगम को उनके सारे पैसे वापस लौटाने पड़ेंगे। वहीं, सूत्रों से पता चला कि रिटायर्ड कर्नल की कोठी को लेकर विवाद भी चल रहा है, जिसका मामला अदालत में विचाराधीन है।



दरअसल, कुछ महीने पहले सेक्टर-35सी के एक हिस्से में अचानक स्ट्रीट लाइटें बंद हो गई थीं। कर्मचारियों ने काफी कोशिश की लेकिन फॉल्ट का पता नहीं चला। इसके बाद लाइट की अस्थायी व्यवस्था कर दी गई। फॉल्ट पता लगाने के लिए इलाका पार्षद व निगम के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की तो पाया कि सेक्टर-35सी में रिटायर्ड कर्नल की कोठी के साथ वाली सरकारी जमीन पर लगी स्ट्रीट लाइट के खंभे को घेरकर घर के अंदर ले लिया गया है और आसपास लोहे का मजबूत ढांचा खड़ा कर दिया।



डेढ़ से दो फुट चौड़ी है सुरंग

जांच की गई तो पता चला कि लोहे के ढांचे के निर्माण के दौरान ही बिजली का अंडरग्राउंड तार कट गया था। जांच में यह भी पता चला कि कोठी के साथ की जमीन पर बना पूरा निर्माण अवैध है। इसके बाद कोठी मालिक को नोटिस भेजा गया और बीते बुधवार को निगम, हॉर्टिकल्चर और पुलिस कर्मचारी निर्माण तोड़ने पहुंचे। टीम ने यहां देखा कि घर के पीछे की तरफ लोहे की बड़ी-बड़ी जालियां लगाई गईं हैं। बाहर की तरफ लोहे का दरवाजा लगा था। उसे हटाने के बाद देखा कि एक एक सुरंग बनाई गई थी, जो सरकारी जमीन से होते हुए रिटायर्ड कर्नल की कोठी की तरफ जा रही थी। यह सुरंग करीब डेढ़ से दो फुट चौड़ी है। यहां अन्य कई तरह के भी निर्माण किए गए हैं।



बड़ी मशीन से की जाएगी कार्रवाई
नगर निगम टीम ने जेसीबी से सुरंग को तोड़ने की कोशिश की लेकिन जेसीबी के सामने लगे नुकीले दांत भी सुरंग पर लगी मोटी कंक्रीट की दीवार को तोड़ नहीं पाए और टूट गए। हालांकि इसका कुछ हिस्सा गिरा दिया गया। अब निगम ने तय किया है कि वह बड़ी मशीन लेकर आएं और इस अवैध सुरंगनुमा निर्माण को तोड़ा जाएगा।

 
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शोर था घर में पाल रखा हैं शेर
इस मामले की जानकारी जब नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को हुई तो वीरवार को इलाके के एक्सईएन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जांच की और पाया कि यहां काफी अतिक्रमण हुआ है, जिसे हटाया जाना बाकी है। इसमें मुख्य रूप से ठोस कंक्रीट से बनाए गए निर्माण भी शामिल हैं। इसके लिए बड़ी मशीन की जरूरत होगी। स्थानीय पार्षद प्रेमलता ने बताया कि इस कोठी में पिछले करीब दो साल से रोजाना निर्माण कार्य चल रहा है। घर पीछे की तरफ से लोहे की बड़ी-बड़ी जालियों से ढका गया है। किसी को भी नहीं पता था कि अंदर क्या बन रहा है। आसपास के सभी लोग लोहे की जालियों को देखकर हैरान होते थे। इलाके में यह शोर था कि इस कोठी के अंदर शेर पाला गया है क्योंकि कोठी की पिछली तरफ सिर्फ लोहे की जालियां हैं और बड़े-बड़े पिलर बनाए गए हैं। मौके पर अतिक्रमण को हटा रहे कर्मचारियों भी हैरान थे कि किसी व्यक्ति ने अपनी कोठी के अंदर और साथ लगती जमीन पर इस तरह का निर्माण क्यों किया है।
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