चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में संविधान दिवस पर भारतीय स्त्री शक्ति और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से एक कार्यक्रम आयोजित किया। समारोह में करीब 200 वकील, न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हुए और सभी ने भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्य संबोधन न्यायमूर्ति विनोद भारद्वाज ने दिया। उन्होंने संविधान की नैतिकता, उसके मूल्यों और अधिवक्ताओं की जिम्मेदारियों पर जोर दिया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता बलदेव राज महाजन, सरतेज सिंह नरूला, जगदीश मनचंदा, आरएस रंधावा और नीलेश भारद्वाज सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने संविधान की रक्षा और न्यायपालिका की अहम भूमिका पर विचार व्यक्त किए। भारतीय स्त्री शक्ति की प्रतिनिधि एडवोकेट गीता शर्मा ने कहा कि संविधान दिवस हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता के मूल्यों को याद दिलाता है और यह दिन इन मूल्यों को मजबूत करने का अवसर देता है।