मोहाली में पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और उनकी पत्नी हरसिमरत कौर के निर्माणाधीन रिजार्ट के मामले में बुधवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता ने राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भी पार्टी बनाए जाने की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है।
यह मामला उस समय अदालत में पहुंचा, जब निर्माणाधीन रिजार्ट के लिए बनाई जा रही 100 फुटी रोड को लेकर सरकार ने भूमि अधिग्रहण के आदेश जारी किए थे। एक भूमि मालिक जुविजा चड्ढा ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी, क्योंकि गांव पलांपुर में उनकी 7 कनाल व 19 मरले भूमि सौ फुटी रोड के रास्ते में आ रही थी।
याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा था कि सौ फुटी रोड बनाने में सरकार इतनी जल्दबाजी क्यों दिखा रही है। इसके साथ ही हाईकोर्ट के जस्टिस एके मित्तल और जस्टिस रेखा मित्तल ने राज्य सरकार को साफ कह दिया था कि इस मामले में अगली सुनवाई (27 मई) तक सरकार याचिकाकर्ता की जमीन को छुए भी नहीं।
उल्लेखनीय है कि गमाडा ने हाईकोर्ट को बताया है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई बैठक में रिजार्ट तक सड़क बनाने की अनुमति दी गई है। इस सड़क के निर्माण पर 29 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बुधवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने इस आधार पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को मामले में पार्टी बनाए जाने की मांग की कि उन्होंने ही सड़क बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। हाईकोर्ट ने इस पर मुख्यमंत्री बादल को नोटिस जारी कर दिया।