हरियाणा नगर शहरी निर्मित-योजना सुधार नीति 2003 की अधिसूचना जारी
चंडीगढ़। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने हरियाणा नगर शहरी निर्मित-योजना सुधार नीति 2003 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत प्रदेश के अनियोजित क्षेत्र में आवासीय भूखंडों को व्यावसायिक उपयोग में बदला जा सकेगा। इसके लिए शर्त होगी कि कॉलोनी कम से कम 50 साल पहले बनी हो। यह नीति नगर पालिका सीमा के मुख्य क्षेत्रों में बसी आवासीय क्षेत्रों में लागू होगी। गौर हो कि इसी माह हरियाणा कैबिनेट ने इस पर मुहर लगाई थी।
यह आवासीय भूखंड मुख्य रूप से नगर निगम के क्षेत्रों में स्थित मॉडल टाउन, पुर्नवास और सुधार ट्रस्ट योजनाओं में बसाई गई कॉलोनियों में स्थित हैं। यह योजना उन प्लॉटों पर भी लागू होगी, जिन्होंने अपने प्लॉट को विभाजित कर दिया था। फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर), ग्राउंड कवरेज और प्लॉट की ऊंचाई जैसे पैरामीटर मूल आवासीय योजना के अनुरूप रहेंगे। आवेदन के लिए संपत्ति मालिकों को रूपांतरण शुल्क के रूप में 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर जांच शुल्क का भुगतान और वाणिज्यिक कलेक्टर दर का पांच फीसदी विकास शुल्क देना होगा।
सिंगल बूथ पर पहली मंजिल व बेसमेंट के निर्माण को मिली स्वीकृति
विभाग ने नगर पालिकाओं और नगर सुधार ट्रस्टों की ओर से आवंटित सिंगल (एकल) बूथ, दुकानों और सर्विस बूथों पर पहली मंजिल या बेसमेंट या दोनों के निर्माण के लिए भी नोटिफिकेशन जारी की है। बूथ पर पहली मंजिल या बेसमेंट या दोनों के मौजूदा अनधिकृत निर्माण के नियमित करने के लिए 31 मार्च 2024 तक आवेदन करना होगा। पहली मंजिल या बेसमेंट या बूथ के निर्माण के लिए नई अनुमति के लिए समय सीमा तय नहीं है। यह नीति उन नियंत्रित क्षेत्रों पर लागू नहीं होगी, जिनके लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की अनुमति की आवश्यकता होती है।