कोरोना के कारण शोध काफी प्रभावित हुआ। उसकी पूर्ति लॉकडाउन खुलने के बाद पिछले साल से ही की जानी चाहिए थी। शोधार्थी भविष्य को लेकर चिंतित हैं। कब शोध पूरा होगा और कब डिग्रियां मिलेंगी। शोधार्थियों के लिए पीयू में कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। - जसवदिंर सिंह, शोधार्थी, जंतु विज्ञान विभाग, पीयू
शोधार्थियों को मिले हर सुविधा
शोधार्थियों को पुस्तकालय की भी आवश्यकता है और प्रयोगशालाओं की भी। रहने के लिए छात्रावास चाहिए। यह सभी सुविधाएं पूरी तरह मिलनी चाहिए, लेकिन इसमें कुछ कमियां दिख रही हैं जिससे शोध गति नहीं पकड़ रहा है। - रोहिल, शोधार्थी, राजनीति शास्त्र
फील्ड का काम नहीं हो पा रहा
शोध में फील्ड वर्क बहुत जरूरी है जो कोरोना के कारण नहीं हो सका। इसके लिए संस्थानों को रास्ते निकालने चाहिए। साथ ही शोध को ऐसा रूप दिया जाए ताकि बेहतर परिणाम के साथ जल्दी पूरा हो सके। - सौंदर्य कुमार दीपक, इतिहास विभाग
शोध के लिए तनावमुक्त दिमाग की आवश्यकता
शोध के लिए तनावमुक्त दिमाग चाहिए। सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। रहने के लिए छत हो, प्रयोग के लिए प्रयोगशाला हो। इन सबके लिए शोधार्थियों को दिक्कतें हुई हैं। इसमें सुधार की आवश्यकता है।- सचिन चहल, शोधार्थी, इतिहास विभाग
जिन शोधार्थियों के शोध का कार्य लंबित है, वे प्रयोगशालाओं में एसओपी के मुताबिक जाकर कार्य कर सकते हैं। छात्रावास भी जरूरत के हिसाब से खोले जा रहे हैं। -प्रो. एसके तोमर, डीएसडब्ल्यू