हरियाणा के अक्षय ऊर्जा राज्य मंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य सरकार ने मांग के आधार पर सोलर वाटर हीटिंग टेक्नोलॉजी अपनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा है कि भवनों में रूफटॉप सोलर फोटोवोल्टिक बिजली संयंत्र और सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम स्थापित करने के लिए स्थल की कमी के मद्देनजर अधिसूचना में से सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम स्थापित करने की अनिवार्यता की शर्त को हटाने का निर्णय लिया गया है।
बहरहाल, राज्य सरकार घरेलू क्षेत्र में सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम स्थापित करने के लिए 18,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन और बिजली बिलों में 300 रुपये तक की छूट देना जारी रखेगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अनाथ आश्रमों, कामकाजी महिलाओं के हॉस्टलों, मूक एवं बधिर केंद्रों एवं धर्मार्थ संस्थानों, कमजोर वर्गों एवं अनुसूचित जातियों आदि के कल्याणार्थ कार्य कर रहे संस्थानों में सोलर वाटर हीटिंग सिस्टम स्थापित करने पर 50 प्रतिशत का वित्तीय प्रोत्साहन देना भी जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में सौर जल तापन प्रौद्योगिकी काफी लोकप्रिय हुई है। केंद्र सरकार ने हरियाणा के लिए साल 2022 तक 4,000 मेगावाट सौर बिजली उत्पन्न करने का अस्थायी लक्ष्य आवंटित किया है।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार की ओर से राज्य में कुछ श्रेणियों के भवनों या क्षेत्रों के लिए सोलर फोटोवोल्टिक बिजली संयंत्र स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। केंद्र सरकार कुछ श्रेणियों को ऐसे संयंत्रों की लागत के 30 प्रतिशत तक की वित्तीय सहायता प्रदान करने के अलावा उपभोक्ताओं को सौर बिजली उत्पादन पर नेट मीटरिंग के तहत बिजली बिलों पर छूट भी प्रदान कर रही है।