लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते परिजन व लोग।
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भिवानी के कस्बा बवानीखेड़ा थाना के लॉकअप में युवक की मौत प्रकरण गर्माता जा रहा है। रविवार दोपहर बाद परिजनों ने शव का रोहतक पीजीआई से पोस्टमार्टम कराने के बाद रोहतक चौक पर प्रदर्शन किया। परिजनों ने रोहतक गेट से शव के साथ पैदल लघु सचिवालय परिसर तक प्रदर्शन किया और फिर लघु सचिवालय के बाहर शव रखकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
लघु सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा। वहीं इस मामले को लेकर उपायुक्त ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस लॉकअप में युवक की हत्या हुई हैं। इस मामले में महिला जांच अधिकारी व थाने के एसएचओ पर भी कार्रवाई की मांग की। वहीं मृतक के परिजनों ने आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी भी मांगी।
बवानीखेड़ा थाना के लॉकअप में बंद गांव सिवाना निवासी 21 वर्षीय राजकुमार ने शौचालय के अंदर कंबल से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली थी। पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है। वहीं मृतक के शव का रविवार को रोहतक पीजीआई में चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया।
बवानीखेड़ा थाना एसएचओ हरिओम व परिजन एंबुलेंस में रोहतक से शव लेकर भिवानी के रोहतक गेट चौक पर पहुंचे। जहां पर परिजनों ने एंबुलेंस को रोहतक गेट चौक पर रोककर काफी देर तक प्रदर्शन किया और फिर इसके बाद पैदल ही प्रदर्शनकारी शव के साथ प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर पहुंचे। जहां पहले से ही भारी पुलिसबल तैनात था।
जिला उपायुक्त द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अशोक कुमार मृतक के परिजनों से बातचीत करने पहुंचे। मगर मृतकों के परिजन अपनी मांग पर डटे रहे। शाम पौने छह बजे तक भी परिजन व जनसंगठनों के पदाधिकारी शव को लघु सचिवालय के गेट पर रखकर मौके पर डटे रहे।