हरियाणा में लाल और नीली बत्ती का दुरुपयोग सरेआम हो रहा है। वाहनों की सघन चेकिंग न होने के कारण आम आदमी भी बत्ती लगे वाहनों में घूम रहे हैं।
अधिकतर वाहन चालक टोल बैरियर पर टैक्स से बचने के लिए वाहनों पर लाल और नीली बत्ती लगाकर दनदनाते निकल जाते हैं।
इसमें कुछ तो पकड़े जाते हैं, लेकिन बत्ती लगे सभी वाहनों को चेक करने की हिम्मत टोल कर्मी और पुलिस कर्मचारी नहीं जुटा पाते। राज्य मे लालबत्ती के दुरुपयोग पर हुए चालान इस बात के प्रमाण हैं।
हरियाणा में 1जनवरी से 31 अक्तूबर 2013 तक 102 लाल और नीली बत्ती वाले वाहनों के चालान हुए हैं। ये वाहन स्वामी वाहनों पर लाल या नीली बत्ती लगाने को अधिकृत नहीं थे।
अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा लाल और नीली बत्ती के संदर्भ में आदेश जारी करने के बाद हरियाणा पुलिस की दिक्कतें बढ़ गई हैं, क्योंकि राज्य में कई मुख्य संसदीय सचिव और मंत्री भी अपने काफिले की सभी गाड़ियों पर लाल बत्तियां लगाकर चलते हैं।
परिवहन विभाग ने तो यहां तक तय किया है कि यदि लाल बत्ती वाहन में संबंधित व्यक्ति न बैठा हो तो वाहन की लाल बत्ती काले रंग के कवर से ढकी होनी चाहिए।
आरआर जोवल, प्रमुख सचिव परिवहन विभाग
हमारी कोशिश होती है कि अवैध रूप से लाल और नीली बत्ती लगे वाहनों का चालान हो। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश आने के बाद और सघन जांच होगी।
सिबास कविराज, एसपी ट्रैफिक
यह हैं आदेश:
मुख्यमंत्री और हरियाणा के राज्यपाल को छोड़कर जिन व्यक्तियों को लाल बत्ती की परमीशन है उन्हें सिर्फ एक वाहन पर ही लाल बत्ती लगाने का अधिकार है।