राज्य सरकार हरियाणा सेवा अधिकार आयोग गठित करेगी। यह सांविधिक निकाय होगा। आयोग का मुख्यालय चंडीगढ़ या पंचकूला में होगा। आयोग में मुख्य आयुक्त के अलावा चार आयुक्त हो सकते हैं।
नियुक्ति राज्यपाल करेंगे मगर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश करेगी। समिति में विपक्ष के नेता और एक कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे।
मुख्य आयुक्त सेवानिवृत्त रैंक का अधिकारी होगा जो हरियाणा के मुख्य सचिव के स्तर का या केंद्र सरकार के सचिव स्तर के रैंक का अधिकारी होगा।
कम से कम दो आयुक्त हरियाणा सरकार के सचिव या इसके समकक्ष स्तर के सेवानिवृत्त अधिकारी होंगे और दो आयुक्त सार्वजनिक जीवन में जाने-माने अभिभूतियों से लिए जाएंगे।
जिन्हें प्रबंधन, विधि, प्रशासन या उद्योग जगत का कम से कम 20 वर्ष का अनुभव होगा। मुख्य आयुक्त और आयुक्तों की कार्यावधि नियुक्ति तिथि से पांच वर्ष या 65 वर्ष की उम्र पूरा होने तक होगी। दोबारा नियुक्ति नहीं हो सकेगी।
वेतन एवं भत्ते मुख्यसूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की तर्ज पर होंगे। इस आयोग को हरियाणा सिविल सेवा कैडर के अधिकारी से एक सचिव और एक सामान्य सचिव हरियाणा सरकार उपलब्ध करवाएगी। आयोग की कार्यप्रणाली के लिए राज्य सरकार द्वारा समुचित फंड उपलब्ध करवाया जाएगा।