पंजाब के स्कूलों में हो रहे रिकॉर्ड दाखिलों को देखते हुए अब सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण होगा। पहले चरण में पंजाब के 21 जिलों के 372 सरकारी स्कूलों को चिह्नित किया गया है। यहां 391 कक्षाओं का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इसके लिए नाबार्ड प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण कार्य के लिए एक-एक लाख रुपये जारी किए गए हैं।
कोरोना काल में पंजाब के सरकारी स्कूलों में रिकॉर्ड विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इस बार अन्य सालों की अपेक्षा 14 प्रतिशत अधिक विद्यार्थियों के नए दाखिले हुए हैं। शिक्षा विभाग दावा कर रहा है कि सरकारी स्कूलों में होने वाले बदलाव के कारण उठे शिक्षा के स्तर के बाद निजी स्कूलों को छोड़कर विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों का रुख किया है। अब विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के बाद स्कूलों में उनके बैठने के उचित स्थान को शिक्षा विभाग तैयार करने में जुट गया है।
शिक्षा विभाग ने नाबार्ड प्रोजेक्ट के तहत राज्य के 21 जिलों के 372 सरकारी स्कूलों को चिह्नित किया है, जिनमें अन्य स्कूलों की अपेक्षा अधिक दाखिले हुए हैं। यहां पर उनके बैठने के लिए विभाग ने जरूरत के हिसाब से एक-एक अतिरिक्त क्लासरूम का निर्माण शुरू कर दिया है।
निर्माण के लिए दी गई हिदायतें
स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण के लिए जारी किए गए रुपये को खर्च करने को लेकर कुछ जरूरी हिदायतें भी जारी की गई हैं। क्लासरूम के निर्माण को लेकर खर्च की जाने वाली ग्रांट का प्रमाणपत्र भी जारी करने से पहले तय धनराशि को समय पर खर्च करना जरूरी होगा। यह भी ध्यान रखना होगा कि कक्षाओं का तय समय में ही निर्माण कार्य पूरा किया जाए।
किस जिले में कितनी बनेंगी कक्षाएं
पंजाब के 21 जिले ऐसे हैं, जहां 372 स्कूलों में 391 क्लासरूम बनाए जाने हैं। इनमें जालंधर में 29, अमृतसर में 45, बरनाला में 8, मोगा में 13, मुक्तसर में 18, पठानकोट में 7, पटियाला में 37, रोपड़ में 7, फिरोजपुर में 14, गुरदासपुर में 15, होशियारपुर में 40, संगरूर में 11, एसएएस नगर में 8, एसबीएस नगर में 11, तरनतारन में 10, फरीदकोट में 3, फतेहगढ़ साहिब में 14, फाजिल्का में 36, कपूरथला में 17, लुधियाना में 8 और मानसा में 16 सरकारी स्कूल शामिल हैं।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा के सुधार के लिए लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। कोरोना काल में भी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को घर पर बैठकर की शिक्षा दी गई। इसके साथ ही विभाग की ओर से कई प्रोजेक्ट भी शुरू किए गए हैं। इन्हीं कारणों से इस साल रिकॉर्ड 14 प्रतिशत नए विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। अब उनके बैठने के लिए स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण किया जा रहा है। - विजय इंदर सिंगला, शिक्षा मंत्री, पंजाब सरकार।