बड़े चेहरे का रहा अभाव
मतदान का प्रतिशत कम रहने के पीछे एक बड़ा कारण चुनाव में बड़े सियासी चेहरे का अभाव भी रहा। पिछले चुनावों में मतदान अधिक होने के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह एक वोट मोबिलाइजर के रूप में बड़े चेहरे के रूप में थे। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव का चेहरा बनाने का प्रयास किया लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाई।
शहरी मतदाताओं ने बनाई दूरी
2022 के चुनाव में शहरी मतदाताओं ने दूरी बनाई। कुछ राजनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण भी शहरी वोटर मतदान से दूर रहा। मोहाली, लुधियाना, अमृतसर जैसे बड़े जिलों में अपेक्षा से काफी कम मतदान हुआ। जबकि मतदाताओं को रिझाने के लिए इन शहरों में राजनीतिक दलों की ओर से काफी प्रयास किया गया।
ये प्रमुख मुद्दे नहीं हो पाए हल
- पंजाब को नशा मुक्त करने की मुहिम
- बेअदबी के मामलों का न हल होना
- राज्य में गिरता भूजल स्तर बड़ी समस्या
- पूर्ण ऋण माफी पर सियासदानों की चुप्पी
- सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याओं का हल नहीं होना
- एनआरआई के 10000 लंबित मामले
- पराली प्रबंधन के लिए ठोस नीति का अभाव