पत्र में उन्होंने लिखा है कि वह हरियाणा व भारत के लोगों की भलाई के लिए अपना काम जारी रखेंगे। तंवर के इस्तीफ से पहले उनके कई सहयोगी भी पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। करीब डेढ़ हफ्ते पहले उनके सहयोगी व कुरुक्षेत्र से आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष जगबीर जोगनाखेड़ा ने पार्टी में तंवर की अनदेखी पर इस्तीफा दे दिया था। आप से जुड़े सूत्रों का दावा है कि वह पार्टी के टिकट पर राज्यसभा जाना चाहते थे। मगर पार्टी इस बात के लिए राजी नहीं हुई। इस वजह से तंवर नाराज चल रहे थे।
कभी राहुल गांधी के करीबियों में होती थी गिनती
अशोक तंवर ने साल 2022 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में पार्टी का दामन थामा था। इससे पहले वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पार्टी में थे। टीएमसी से पहले वह कांग्रेस में थे, जहां उन्होंने एक लंबी पारी खेली थी। एक समय में उनकी गिनती राहुल गांधी के करीबियों में होती थी। राहुल गांधी ने ही उन्हें फरवरी 2014 में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया था। कांग्रेस में वह राष्ट्रीय सचिव व यूथ कांग्रेस के प्रभारी भी रह चुके हैं। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच तकरार के बाद 2019 में विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। वह साल 2009 से 2014 तक सिरसा से सांसद भी रहे हैं।