कोरोना वायरस के खिलाफ लोगों की जंग जारी है। इसके संक्रमण को देखते हुए लाखों लोग अपने घर में रहकर इस बीमारी को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई योद्धा हर दिन मैदान में उतर रहे हैं। इन्हीं में से एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट-कम-इंसिडेंट कमांडर विकास गोयल व उनकी टीम है। यह टीम की योजना का ही असर है कि बुड़ैल में घनी आबादी होने के बावजूद वहां न तो कोई केस आया, न ही कोई घटना घटी।
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर तैनात विकास गोयल की इस टीम में सीएचबी के जेई यूके सिंह, ड्राफ्ट्समैन मनोज कुमार, जेई जसविंदर सिंह, जीएमएसएसएस-38 के पंजाबी टीचर जरनैल सिंह, शिवदेव और सुरेश शामिल हैं। ये सभी सेक्टर रिस्पांस टीम के तौर पर काम करते रहे। टीम के सदस्यों ने भी लॉकडाउन के बाद से रोजाना बिना कोई छुट्टी काम किया है।
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विकास गोयल ने बताया कि उनके पास सेक्टर-32, 33, 34, 44, 45, 46 और बुड़ैल का इलाका था। बुडै़ल में प्रवासी मजदूरों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में उन तक खाना, उनके बच्चों के लिए दूध पहुंचाना, राशन पहुंचाने का काम भी किया गया। वह हाउसिंग बोर्ड में असिस्टेंट इंजीनियर हैं, ऐसे में उन्हें इसका भी काफी लाभ मिला।
गोयल ने बताया कि शुरू में उन्हें लगा कि यह सिर्फ एक ड्यूटी है, जिसे उन्हें निभाना है लेकिन जैसे ही एक-दो दिन बीते उन्हें लोगों की समस्याएं महसूस हुई। लगा कि अब मौका है, जब सच्चे मन से लोगों की सेवा की जा सकती है। इसके बाद कोई भी आदमी भूखा न रहे, इसके लिए बुडै़ल के चारों हिस्सों में लंगर की व्यवस्था की। सेक्टर रिस्पांस टीम के सदस्य रोजाना लंगर के खाने व उसके वितरण पर नजर रखते थे। किसी भी शिकायत पर तुरंत वहां पर टीम पहुंचती थी।