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कोरोना वॉरियर्स: 24 घंटे किया काम, नए प्रयोगों का मिला इनाम... एरिया में नहीं आया कोरोना का एक भी केस

Sun, 07 Jun 2020 04:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट विकास गोयल और उनकी टीम बिना छुट्टी लिए लगातार करती रही काम
  • बच्चों के लिए आयोजित की पेंटिंग प्रतियोगिता, संदेश पहुंचाने के लिए आरडब्ल्यूए का लिया सहारा
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चंडीगढ़।
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विस्तार
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कोरोना वायरस के खिलाफ लोगों की जंग जारी है। इसके संक्रमण को देखते हुए लाखों लोग अपने घर में रहकर इस बीमारी को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई योद्धा हर दिन मैदान में उतर रहे हैं। इन्हीं में से एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट-कम-इंसिडेंट कमांडर विकास गोयल व उनकी टीम है। यह टीम की योजना का ही असर है कि बुड़ैल में घनी आबादी होने के बावजूद वहां न तो कोई केस आया, न ही कोई घटना घटी। 

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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर तैनात विकास गोयल की इस टीम में सीएचबी के जेई यूके सिंह, ड्राफ्ट्समैन मनोज कुमार, जेई जसविंदर सिंह, जीएमएसएसएस-38 के पंजाबी टीचर जरनैल सिंह, शिवदेव और सुरेश शामिल हैं। ये सभी सेक्टर रिस्पांस टीम के तौर पर काम करते रहे। टीम के सदस्यों ने भी लॉकडाउन के बाद से रोजाना बिना कोई छुट्टी काम किया है। 


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विकास गोयल ने बताया कि उनके पास सेक्टर-32, 33, 34, 44, 45, 46 और बुड़ैल का इलाका था। बुडै़ल में प्रवासी मजदूरों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में उन तक खाना, उनके बच्चों के लिए दूध पहुंचाना, राशन पहुंचाने का काम भी किया गया। वह हाउसिंग बोर्ड में असिस्टेंट इंजीनियर हैं, ऐसे में उन्हें इसका भी काफी लाभ मिला।

गोयल ने बताया कि शुरू में उन्हें लगा कि यह सिर्फ एक ड्यूटी है, जिसे उन्हें निभाना है लेकिन जैसे ही एक-दो दिन बीते उन्हें लोगों की समस्याएं महसूस हुई। लगा कि अब मौका है, जब सच्चे मन से लोगों की सेवा की जा सकती है। इसके बाद कोई भी आदमी भूखा न रहे, इसके लिए बुडै़ल के चारों हिस्सों में लंगर की व्यवस्था की। सेक्टर रिस्पांस टीम के सदस्य रोजाना लंगर के खाने व उसके वितरण पर नजर रखते थे। किसी भी शिकायत पर तुरंत वहां पर टीम पहुंचती थी।

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विकास गोयल के कुछ अनोखे प्रयोग

  • लॉकडाउन के दौरान बच्चों को एक्टिव रखने के लिए विभिन्न सेक्टरों में कोविड-19 पर पेंटिंग, कविता व स्लोगन राइटिंग के कंपटीशन कराए गए, जिसमें विजेता बच्चों को उनके घर जाकर सम्मानित किया गया।
  • एरिया में आने वाले विभिन्न सेक्टरों के आरडब्ल्यूए के साथ व्हाट्सएप ग्रुप बनाए ताकि प्रशासन के नए आदेश और वहां की किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत मिलती रही। ग्रुप के माध्यम से आदेशों की जानकारी लोगों तक तुरंत बिना किसी देरी के पहुंचाई गई। इससे काफी समय बचा और सेक्टर-45 बुड़ैल में फोकस करने के लिए ज्यादा समय मिला।कोरोना वायरस का संक्रमण न फैले इसके लिए उन्होंने विभिन्न एरिया को पहले ही सील करवा दिया। वहां पर लोकल वालंटियर खड़े किए गए, ताकि आने-जाने वाले लोगों की पहचान की जा सके और उन्हें तुरंत समझाया जा सके।
  • आदेशों की अवहेलना कर बाहर घूमने वाले लोगों को उनकी गलती का एहसास कराने के लिए उनके ही पड़ोस के बच्चों से उन्हें समझाने को कहा गया ताकि वह अपनी गलती को समझें और बाहर न निकलें।
  • मोबाइल पर आने वाले सभी फोन उठाए गए। सेक्टर रिस्पांस टीम को भी हिदायत दी गई कि वह सभी के फोन उठाएं ताकि कहां क्या समस्या है पता चल सके। विकास गोयल ने बताया कि इससे बहुत मदद मिली है।
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