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हरियाणा कैबिनेट के फैसले: ऑनलाइन चालान भर तुरंत छुड़ा सकेंगे वाहन, वाणिज्यिक गाड़ियों का पंजीकरण हुआ आसान

Wed, 16 Jun 2021 02:30 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कोविड संबंधित वस्तुओं पर जीएसटी (राज्य, केंद्र और आईजीएसटी सहित) की प्रतिपूर्ति दानियों को करने के लिए अधिसूचित योजना 30 जून 2021 तक लागू रहेगी। आबकारी एवं कराधान विभाग योजना का प्रबंधन करेगा। जीएसटी की प्रतिपूर्ति इन शर्तों के अधीन होगी कि कोविड संबंधित सामग्री हरियाणा सरकार के संचालित अस्पतालों या स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से अनुमति प्राप्त किसी अस्पताल, संस्थान को मुफ्त में दान की गई हो।
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चालान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में अब हर तरह के वाहन चालक मौके पर ही चालान राशि का भुगतान कर सकेंगे। इसके साथ ही राशि भरने का ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध होगा। दोनों विकल्प का इस्तेमाल कर जब्त वाहन को तत्काल छुड़ाया जा सकेगा। इसके अलावा डीलर वाणिज्यिक वाहनों का पंजीकरण भी करेंगे। दान दिए कोविड उपकरणों पर लगा जीएसटी सरकार दानियों को रिफंड करेगी।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में अनेक अहम निर्णय लिए गए हैं। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बैठक में हुए फैसलों की जानकारी प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में सदस्यों की संख्या 8 से घटाकर पांच कर दी गई है। 

उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के राज्य व जिला अध्यक्ष, सदस्यों के वेतन-भत्ते नए सिरे से तय किए गए हैं। प्रदेश सरकार रेंजर, डिप्टी रेंजर व फारेस्ट गार्ड के पद सीधी भर्ती व पदोन्नति से भरेगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन और वित्तीय सहायता राशि बढ़ाने पर भी मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी है। पेंशन अब एक अप्रैल 2021 से 2500 रुपये मासिक व सहायता राशि 1600 व 1950 रुपये मिलेगी। 
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उन्होंने बताया कि अभी तक मौके पर चालान राशि भरने की सुविधा प्रदेश में नहीं थी, चालान होने पर पुलिस दस्तावेज अपने पास रख लेती थी और बाद में चालान भुगतना पड़ता था। ताजा निर्णय से वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। नए वाणिज्यिक वाहनों का पंजीकरण कराने के लिए अब लोगों को चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। 

अभी डीलर्स के पास सिर्फ निजी वाहनों के ही पंजीकरण का अधिकार था। सरकार ने डेवलपर्स के लिए ईडीसी यानि बाह्य विकास शुल्क और आईडीसी यानी आंतरिक विकास शुल्क एकमुश्त भरने की छूट अवधि 15 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है।

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महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल किया नाम

मंत्रिमंडल ने महर्षि बाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल का नाम बदलकर महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना राज्य विधान के एक अधिनियम के तहत की गई थी लेकिन यह देखा गया कि हिंदू पौराणिक कथाओं में वाल्मीकि का नाम विश्वविद्यालय के मौजूदा नाम से अलग है। इसलिए विश्वविद्यालय का नाम महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल करने का निर्णय लिया गया।

सीएलयू अनुमति तक मिलेगा समाधान से विकास का लाभ
एकमुश्त भुगतान योजना ‘समाधान से विकास’ को 30 सितंबर 2021 तक बढ़ा दिया गया है। नीति का लाभ सीएलयू अनुमति तक मिलेगा। मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है। अब तक इस नीति के तहत कॉलोनाइजरों से लगभग 551 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। इससे रियल एस्टेट उद्योग के साथ-साथ भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) धारकों, उद्यमियों को फायदा होगा। 

लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क के भुगतान की विलंबित अवधि पर ब्याज, लाइसेंस के लिए नई बैंक गारंटी, ईडीसी, राज्य अवसंरचना विकास शुल्क की किस्तों के भुगतान पर ब्याज/ जुर्माना ब्याज, सीएलयू अनुमति, लाइसेंस विस्तार व नवीनीकरण के लिए पहली अप्रैल 2021 से 31 मई 2021 की अवधि को ‘शून्य अवधि’ माना जाएगा।

ये भी फैसले
  • कर्मचारी चयन आयोग में सदस्यों की संख्या 8 से घटाकर पांच की
  • उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के राज्य व जिला अध्यक्ष, सदस्यों के वेतन-भत्ते नए सिरे से तय
  • रेंजर, डिप्टी रेंजर व फारेस्ट गार्ड के पद सीधी भर्ती
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन और वित्तीय सहायता राशि बढ़ाने पर मुहर
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