चंडीगढ़ सेक्टर-32 निवासी पुनीत और गीता की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। करीब 18 साल पहले पुनीत ने गीता की पहली बार फोन पर आवाज सुनी थी। कुछ महीने बाद जब उन्होंने सामने से देखा तो सुध-बुध खो बैठे। तब से लेकर आज तक दोनों साथ हैं।
हर त्योहार ऐसा मनाते हैं, जैसे पहली बार मना रहे हों। दोनों में प्यार इस कदर है कि पुनीत अपनी पत्नी के लिए हर साल व्रत रखते हैं। पुनीत ने कहा कि उनका मानना है कि रिश्ते में अटूट विश्वास बहुत जरूरी है।
पेशे से व्यवसायी पुनीत जैन ने बताया कि वह गीता को वर्ष 2006 से जानते हैं। गीता एक टेलीकॉम कंपनी में काम करती थीं, उनका दोस्त भी उसी कंपनी में था। दोस्त ने गीता का नंबर यह कहते हुए दिया था कि अगर उन्हें कंपनी के नेटवर्क संबंधित कोई भी समस्या हो तो वह गीता को कॉल कर सकता है। वह समाधान कर देंगी। इसी सिलसिले में कई बार गीता से बात हुई। उन्हें उनकी आवाज बहुत पसंद आई।
पुनीत ने बताया कि एक बार कंपनी का टूर अमृतसर गया। वह भी दोस्त के साथ टूर पर चले गए। वहां पर पहली बार 26 नवंबर 2006 को गीता से मुलाकात हुई। कहा कि उन्हें आजतक वह सारे दिन याद हैं, जब-जब वह गीता से मिले थे। कहा कि पहली नजर में ही उन्हें गीता से प्यार हो गया। इसके बाद एक दिसंबर को गीता उनसे मिलने के लिए चंडीगढ़ आई। तीन साल तक दोनों का रिश्ता रहा और फिर आखिरकार शादी करने का फैसला लिया। उन्होंने अपने परिवार को काफी मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। समस्या थी कि वह जैन परिवार से संबंध रखते हैं और गीता एक पंजाबी परिवार से हैं। जब परिवारजन नहीं माने तो 2009 में उन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर शादी की।
हर त्योहार ऐसे मनाते हैं, जैसे पहली बार मना रहे हों
पुनीत और गीता की 11 साल की बेटी है और 6 साल का बेटा है। बताया कि उनके परिवार ने अभी तक गीता को पूरी तरह से नहीं अपनाया है लेकिन वह मानते हैं कि उनकी जिंदगी में गीता की जगह और कोई नहीं ले सकता था। उन्होंने बताया कि वह हर त्यौहार बहुत ही उत्साह से मनाते हैं। ऐसे मनाते हैं, जैसे पहली बार वह दिन आया हो। कहा कि वह अपने पत्नी के लिए हर बार सरप्राइज प्लान करते हैं, गिफ्ट देते हैं और करवा चौथ का हर साल व्रत भी रखते हैं। इन्हीं के माध्यम से वह अपने प्यार का इजहार करते हैं।
चाहता हूं कि पूरी जिंदगी ऐसे ही सरप्राइज देता रहूं
पुनीत ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि कई भारतीय पुरुष शादी के बाद अपनी पत्नी को घर में बांध देते हैं। यह बिल्कुल गलत है। पत्नी को हमेशा साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने अपनी पत्नी को कभी किसी चीज के लिए मना नहीं किया है। कोई समस्या आती है तो वह आपस में बैठकर बातचीत कर सुलझाते हैं। दोनों के बीच अटूट विश्वास है। इसी वजह से 15 साल में कभी कोई दिक्कत नहीं आई।
उन्होंने कहा कि उन्होंने बाहरी लोगों की बातों पर भी कभी ध्यान नहीं दिया। इस वजह से अपने जीवन में दोनों कामयाब है और काफी खुश भी है। कहा कि कोशिश है कि चाहे जितनी मर्जी उम्र हो जाए, पूरी जिंदगी ऐसे ही सरप्राइज देते रहें ताकि ऐसे ही खुशी-खुशी जीवन बीते।