राम रहीम को सजा हो गई, सिरसा में कर्फ्यू लगा है, सीमाएं सील हैं। इसके बावजूद डेरा सच्चा सौदा से हथियार और कैश लेकर एक कैंटर निकला गया और राजस्थान पहुंच गया। कैंटर के राजस्थान पहुंचने पर पुलिस को इसकी भनक लगी तो प्रदेश भर में वायरलेस पर अलर्ट जारी किया। मंगलवार सुबह तक कैंटर के बारे में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस को आशंका है कि कैंटर में डेरे में रखे हथियार, कैश, कंप्यूटर की हार्ड डिस्क सहित कई जरूरी दस्तावेज हो सकते हैं। पुलिस का मानना है कि कानून के शिकंजे से बचने के लिए डेरा प्रबंधन ने इन्हें सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा दिया है। बता दें कि सोमवार को ही सिरसा रेंज के आईजी अमिताभ ढिल्लो ने डेरे में हथियार होने की आशंका जाहिर की थी।
सिरसा के डेरा सच्चा सौदा से कैंटर सोमवार देर शाम निकल गया। राजस्थान में प्रवेश करने पर पुलिस को जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रदेश भर में लगे पुलिस नाकों पर वायरलेस से अलर्ट जारी किया। रोहतक पुलिस के पास शाम सात बजे सूचना पहुंची।
अलर्ट में बताया गया कि डेरा सच्चा सौदा से बाहर निकले कैंटर में डेरे के जरूरी दस्तावेज रखे हैं। कैंटर में हथियार हो सकते हैं। कैंटर को अरनियांवली से राजस्थान भेजा गया है। सूचना आने के बाद प्रदेश की पुलिस सक्रिय हुई। सिरसा पुलिस रात भर कैंटर की तलाश करती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
27 कंपनी चौकसी में तैनात, फिर भी कैंटर पहुंचा राजस्थान
सिरसा में सेना और पुलिस का फ्लैग मार्च
कैंटर के डेरे से निकलने की सूचना पर सुरक्षा में भारी चूक सामने आई है। तनावपूर्ण स्थिति होने के कारण सिरसा में अर्धसैनिक बल की 27 कंपनी तैनात हैं। इसके अलावा स्थानीय पुलिस और सेना को भी सुरक्षा का जिम्मा दिया गया है। इतनी सुरक्षा के बीच कैं टर बिना चेकिंग कैसे निकल गया यह सबसे बड़ा सवाल है। बता दें कि पंचकूला और सिरसा में आगजनी के बाद गुरमीत राम रहीम के डेरों से एक एके-47, छह पिस्टल और दो राइफल बरामद हुई थी।
डेरे में सर्च ऑपरेशन से पहले सबूत मिटाने की साजिश
कैंटर के डेरे से निकलने के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि डेरे में सर्च ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही सबूत मिटाने की साजिश के तहत कैंटर में सामान भरकर राजस्थान भेजा गया। कैंटर में पुलिस जांच से जुड़े दस्तावेजों के होने की आशंका जताई जा रही है। मामले में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी बताई जा रही है। इस संबंध में भी जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक मामले में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी से जवाब तलब नहीं किया गया है।
एक हजार मीटर तक डेरे की घेराबंदी, 6 किलोमीटर तक कर्फ्यू
सिरसा में कड़ी सुरक्षा
सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में डेरे के एक हजार मीटर पहले चारों तरफ पुलिस, अर्धसैनिक बल और सेना के संयुक्त रूप से नाके लगाए गए हैं। डेरे के 6 किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगा है। जिले की सीमाएं भी सील की गई हैं। इसके बावजूद कैंटर प्रदेश से बाहर निकल गया। अभी तक यह भी जानकारी नहीं मिली है कि कैं टर में कितने और कौन लोग सवार थे। सिरसा पुलिस अपने स्तर पर जांच में जुटी है।
पूरी तरह फेल हुआ खुफिया तंत्र
पूरे मामले पर गौर किया जाए तो डेरे के आसपास का खुफिया तंत्र फेल साबित हुआ है। माहौल शांत होने के बाद भी खुफिया तंत्र को कैंटर के डेरे से निकलने की सूचना सही समय पर नहीं मिली। जबकि डेरे के अंदर से आने वाले अनुयायियों को जांच पड़ताल के बाद घर जाने दिया जा रहा है। पुलिस व खुफिया विभाग के अधिकारियों ने कई घंटों तक कैंटर जाने की बात को दबाकर रखा। देर शाम को मामले के बारे में पता चला।
राजस्थान पुलिस से साधा संपर्क
सिरसा में कड़ी सुरक्षा
- फोटो : SELF
कैंटर में अहम सबूत छिपे होने की आशंका पर हरियाणा पुलिस ने राजस्थान पुलिस से संपर्क साधा है। राजस्थान पुलिस को मामले के बारे में जानकारी दी गई है। हालांकि, पुलिस के पास अभी तक कैंटर का नंबर नहीं है। डेरा प्रबंधन में सेंधमारी करके उसका नंबर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। मामला संवेदनशील और लापरवाही का होने के कारण जांच पड़ताल की प्रक्रिया गुपचुप तरीके से की जा रही है।
इस मामले से रोहतक का कोई लेना देना नहीं है। ऐसा कोई कैंटर रोहतक जिले की तरफ नहीं आया। इस तरह की सूचना कंट्रोल रूम से पुलिस के सभी वायरलेस पर फ्लैश कर दी जाती है।
- पंकज नैन, एसपी, रोहतक