लुधियाना में शनिवार को बारिश से शहर के ज्यादातर इलाकों में जलभराव हो गया। मेयर बलकार संधू के वार्ड में भी लोगों को जलभराव की समस्या से दो चार होना पड़ा। वहीं निगम अफसरों का कहना है कि कुछ देर बाद पानी की निकासी हो गई थी।
शुक्रवार देर रात से रुक-रुककर हो रही बारिश शनिवार को भी जारी रही। ऐसे में हांबड़ा रोड सहित अन्य निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कोई रास्ता नहीं होने के कारण आम लोगों को सड़कों पर भरे पानी से निकलकर जाना पड़ा। पीएयू मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान बारिश होने का अनुमान है।
गेहूं की फसल पर ज्यादा असर नहीं
कृषि विभाग के चीफ एग्रीकल्चर अफसर डॉ. बलदेव सिंह का कहना है कि इस बरसात से गेहूं की फसल पर बुरा असर देखने को नहीं मिला है। जो खेते नीचे हैं वहां पर कुछ पानी जमा हुआ है। किसानों को चाहिए कि वह ढलान वाले खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करें। आगे ज्यादा बारिश होने की संभावना नहीं है।
'बारिश से गेहूं की फसल को पीली कूंगी से राहत'
राजपुरा में दो दिन से लगातार हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों को मुसीबत में डाल दिया है। उनकी फसलें बिछ गई हैं। इससे गेहूं से निकलने वाले झाड़ में कमी हो सकती है। राजपुरा के नजदीकी गांव पिलखनी, उगाणी, खानपुर, फरीदपुर जटां, सैदखेड़ी, हरियाओं, उप्पलहेड़ी के किसानों का कहना है कि हाल की घड़ी में बारिश से किसानों को फायदा पहुंच रहा है।
इसी प्रकार तेज हवाएं चलती रहीं तो किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। खेती बाड़ी अधिकारी डॉ. गुरमेल सिंह का कहना है कि गेहूं की फसल पर पीली कूंगी का हमला हो रहा था। किसानों को इसके लिए काफी खर्च उठाना पड़ता लेकिन बारिश होने से गेहूं पर मंडराने वाली यह बीमारी खत्म हो गई है। वहीं खेती के माहिरों का कहना है कि गेहूं के झाड़ के लिए ठंडा मौसम काफी फायदेमंद होता है। यह गेहूं के झाड़ के लिए भी अच्छा साबित होगा।
पंजाब कृषि विभाग की ओर से राज्य में बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों के नुकसान को बचाने के लिए किसानों को एडवाइजरी जारी की गई है। विभाग की तरफ से गेहूं और सब्जियों की काश्त करने वाले किसानों से कहा गया है कि अगर फसलें बारिश/हवा के कारण बिछ गई हैं तो उन खेतों में से तुरंत पानी बाहर निकालें।
कृषि विभाग के सचिव काहन सिंह पन्नू ने विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को तुरंत उन किसानों के साथ संपर्क स्थापित करने को कहा है, जिनकी फसलों का भारी बारिश के कारण नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि जिलों के डिप्टी कमिश्नरों द्वारा विशेष गिरदावरी के मद्देनजर संबंधित राजस्व अधिकारियों को अपेक्षित सहायता मुहैया करवाई जाए ताकि मुश्किल की इस घड़ी में किसानों की अधिक से अधिक मदद की जा सके।
इसी दौरान कृषि विभाग के डायरेक्टर स्वंतत्र कुमार ऐरी ने बताया कि बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसलों के हुए नुकसान की फील्ड अधिकारियों से रिपोर्ट मांग ली गई हैं और कृषि विभाग के अधिकारियों को छुट्टियों के दौरान भी किसानों के साथ संबंध स्थापित करने के लिए कहा गया है ताकि फसलों के नुकसान को घटाने के लिए सही सलाह मुहैया करवाई जा सके।