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Chandigarh News: पहले से खस्ताहाल सड़कों की बारिश ने उखाड़ी परत, बिटुमन की कमी ने रोकी वी फोर, फाइव वी सिक्स की रीकार्पेटिंग

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1,038 किमी वी फोर, वी फाइव, वी सिक्स सड़कों-पार्किंग की रीकार्पेटिंग के लिए 87.34 करोड़ के टेंडर अलॉट, काम हुआ महज 21.20 फीसदी
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चंडीगढ़। शहर की प्रमुख वी-4, वी-5 और वी-6 सड़कों की बदहाली पर बारिश ने और परत चढ़ा दी है। पहले से खराब इन सड़कों की ऊपरी परत कई जगह तेज बारिश में उखड़ गई, जबकि गड्ढे भी बढ़ गए हैं। सबसे अधिक यातायात दबाव वाली वी-4 सड़कों पर स्थिति ज्यादा खराब है। इसके बावजूद नगर निगम टूटे हिस्सों पर तत्काल पैचवर्क तक नहीं करवा पा रहा है। ऐसे में वाहन चालक रोजाना गड्ढों और टूटी सड़क से होकर गुजरने को मजबूर हैं।
निगम की ओर से इन सड़कों की रीकार्पेटिंग का काम 12 सितंबर के बाद शुरू होने की संभावना है। हालांकि इसके लिए बारिश का रुकना और ठेकेदारों को पर्याप्त बिटुमन उपलब्ध होना जरूरी है। बिटुमन की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो काम की रफ्तार और धीमी हो सकती है।
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1,038 किमी के लिए 87.34 करोड़, काम सिर्फ 220 किमी
शहर में वी-4, वी-5 और वी-6 सड़कों तथा पार्किंग समेत करीब 1,250 किलोमीटर का नेटवर्क है। इनमें से नगर निगम की तीनों रोड डिवीजन ने करीब 1,038 किलोमीटर सड़कों और पार्किंग की रीकार्पेटिंग के लिए 87.34 करोड़ रुपये के टेंडर अलॉट किए हैं। अभी तक ठेकेदारों से करीब 220 किलोमीटर, यानी महज 21.20 प्रतिशत काम ही कराया जा सका है।
निगम के मानक के अनुसार 12 फुट चौड़ी सड़क के एक किलोमीटर को एक किलोमीटर माना जाता है। वी-6 सड़कें करीब 12 फुट, वी-5 सड़कें 24 फुट और वी-4 सड़कें 36 से 42 फुट चौड़ी होती हैं। ऐसे में चौड़ाई के हिसाब से वी-4 और वी-5 की वास्तविक सड़क लंबाई मानक किलोमीटर से काफी अधिक बैठती है।
सदन में भी उठ चुका है बिटुमन की कमी का मुद्दा
रीकार्पेटिंग में देरी का मुद्दा नगर निगम सदन की पिछली बैठकों में भी पार्षद उठा चुके हैं। पार्षदों ने पूछा था कि बिटुमन की कमी कब दूर होगी और प्रमुख सड़कों की रीकार्पेटिंग कब शुरू होगी।
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कोट
फिलहाल निजी एजेंसियों से बिटुमन खरीदना संभव नहीं है, क्योंकि प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग भी निजी कंपनियों से खरीद नहीं कर रहा। ठेकेदारों को सरकारी कंपनियों से बिटुमन कम मात्रा में और महंगा मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति प्रभावित होने का असर भी उपलब्धता पर पड़ा है। आपूर्ति सामान्य होने तक सड़कों और पार्किंग की रीकार्पेटिंग धीमी गति से ही आगे बढ़ेगी।-निगम के चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा
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