एयरपोर्ट की तर्ज पर रेलवे स्टेशनों की भी जिम्मेदारी रेलवे निजी कंपनियों को देने जा रही है। रेल प्रशासन अब केवल सुरक्षा व्यवस्था, टिकट की बिक्री व ट्रेनों के संचालन का काम देखेगा। शेष जिम्मेदारी निजी कंपनियों को मिलने जा रही है। रेलवे पांच मुख्य स्टेशनों पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस तरह की सुविधा देने जा रहा है।
15 फरवरी को चंडीगढ़ और दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन का जिम्मा निजी कंपनियों को सौंप दी जाएगी। बंगलूरू रेलवे स्टेशन के यात्रियों को इस तरह की सुविधा मिल रही है। पुणे स्टेशन भी निजी कंपनी को सौंपी जाएगी, जबकि सिकंदराबाद को जल्द यह सुविधा मिलने लगेगी। इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरएसडीसी) ने यह निर्णय लिया है।
आईआरएसडीसी के प्रबंध निदेशक एस के लोहिया ने बताया कि ट्रेन यातायात व्यवस्था व सुरक्षा का जिम्मा रेल प्रशासन के पास ही रहेगा। खान-पान, रिटायरिंग रूम, वेटिंग हॉल, डिस्प्ले बोर्ड, हेल्प डेस्क, स्टेशनों की साफ-सफाई, इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा, शौचालय व पार्किंग आदि की व्यवस्था प्राइवेट कंपनियां ही करेंगी।
वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने की कवायद तेज
रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की कवायद फिर तेज हो गई है। रेल मंत्रालय का दावा है कि 2019-20 में चयनित सभी 50 रेलवे स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। आनंद विहार रेलवे स्टेशन को करीब तीन साल में विश्वस्तरीय बना दिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के मेंबर इंजीनियरिंग विश्वेश चौबे ने बताया कि अमृतसर, साबरमती, ग्वालियर, नागपुर, बायापपनहल्ली व ठकुरानी रेलवे स्टेशन निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।