नितिन ने इस बात का भी जिक्र किया है कि 10 अगस्त को 11.20 बजे उसके पास माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की तरफ से संदेश आया था कि कोई हैकर्स उनके सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर रहा है।
साइबर सिक्योरिटी अटैक
जमीनी क्षेत्र पर कब्जे के लिए जिस प्रकार लड़ाई लड़ी जाती है, उसी प्रकार डिजिटल दुनिया में एक नेटवर्क तक पहुंच हासिल करने के लिए साइबर हमले किए जाते हैं। सिस्टम का एक्सेस और डेटा पर कंट्रोल पाने के लिए हैकर्स लगातार गलत संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं। सिस्टम पर कंट्रोल के लिए हैकर्स मेलिशियस कोड के कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करते हैं।
विभिन्न प्रकार के हैक
साइबर सिक्योरिटी अटैक कई तरह के होते हैं। इसमें मालवेयर, फिशिंग अटैक, डेनायल-ऑफ-सर्विस, मैन-इन-द-मिडल आदि शामिल हैं, जो सिस्टम को हैक करने, क्रिप्टोकरेंसी के रूप में पैसे की मांग या फिर डार्क वेब पर डेटा बेचते के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
अंजान लिंक को न करें क्लिक
साइबर अटैक का सीधा जुड़ाव सिस्टम से है। सिस्टम हैक करने के लिए हैकर्स विभिन्न प्रकार की प्रक्रियाएं आजमाते हैं। इसमें लॉटरी का लिंक, एसएमएस पर लिंक, छुट्टियों के कूपन का लिंक, नौकरी का लिंक, डाटा अपडेट करने का लिंक इत्यादि शामिल होते हैं। ऐसे अंजान लिंक पर क्लिक करते ही हैकर्स चंद मिनटों में सिस्टम का पूरा डाटा हैक कर लेते हैं।
साइबर अटैक से बचाव के उपाय
अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे ईमेल आईडी, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की डिटेल आदि कभी भी वेबसाइट और सिस्टम पर सेव न करें। पासवर्ड मुश्किल होना चाहिए। भरोसेमंद एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके अपने सिस्टम को बार-बार स्कैन करते रहें। स्पैम मैसेज और ईमेल को न खोलें और न ही जवाब दें। - क्षितिज दत्ता, कंप्यूटर विशेषज्ञ।