राज्यसभा सांसद संजय सिंह को मणिपुर मामले पर सवाल पूछे जाने के कारण राज्यसभा से पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित करने की राघव चड्ढा ने कड़ी आलोचना की है। राघव चड्ढा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला और कहा कि संसद में शायद ही कभी ऐसा हुआ होगा, जहां देश के एक बेहद ज्वलंत मुद्दे पर सवाल करने पर किसी राज्यसभा सांसद को निलंबित किया गया।
उन्होंने कहा कि किसी भी सांसद का पूरे सत्र के लिए निलंबन विशेष परिस्थिति में किया जाता है। ऐसा तब किया जाता है जब उस सांसद ने संसद के भीतर कोई हिंसक कार्य किया हो या उसने संसद का कोई प्रस्ताव फाड़कर सभापति की कुर्सी की ओर फेंका हो या उसने अपनी कोई गतिविधियों से संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाई हो लेकिन सांसद संजय सिंह को सिर्फ सभापति की कुर्सी के पास जाकर सवाल करने पर पूरे सत्र से निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि मणिपुर की घटना सिर्फ एक राज्य का मसला नहीं है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। इसलिए इस मुद्दे पर संसद में विशेष चर्चा कराने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर में सिर्फ संविधान की धारा 355 और 356 का ही उल्लंघन नहीं हुआ बल्कि वहां मानवता पर हमला हुआ है। शांति-व्यवस्था कायम करने में सरकार पूरी तरह फेल साबित हो चुकी है। कानून-व्यवस्था की स्थिति सरकार के कंट्रोल के बाहर हो गई है, इसलिए केंद्र सरकार तुरंत मणिपुर की बीरेन सिंह सरकार को बर्खास्त करे और वहां राष्ट्रपति शासन लागू करे।