पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मशहूर पंजाबी गायक गुरदास मान को बड़ी राहत देते हुए जालंधर के नकोदर में दर्ज धार्मिक भावनाओं को आहात करने के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने मान को पांच सप्ताह के भीतर जांच में शामिल होने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए गुरदास मान ने हाईकोर्ट को बताया कि जालंधर के नकोदर में डेरा बाबा मुराद शाह के डेरे पर आयोजित मेले के दौरान उन्होंने सिख गुरु श्री अमरदास जी और लाडी साईं जी को एक ही वंश का होने की बात कही थी। इसके बाद से वह विवादों में आ गए और नकोदर में 26 अगस्त को धार्मिक भावनाओं को आहत करने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी।
गुरदास मान ने दायर याचिका में कहा है कि वह खुद सिख हैं और अपने ह्रदय की गहराइयों से सिख गुरुओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने तब किसी के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचाई थी लेकिन सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कैंपेन शुरू हो गया। इसके बाद उन्होंने सावर्जनिक तौर पर माफी भी मांग ली थी। बावजूद इसके उनके खिलाफ यह मामला दर्ज कर दिया गया। इस मामले में उन्होंने जालंधर की जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने आठ सितंबर को खारिज कर दिया था।
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हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद मान को अंतरिम जमानत देते हुए सात दिन में जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान मान के वकील ने बताया कि कोरोना से संक्रमित होने के कारण वह जांच में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में उन्हें चार सप्ताह की मोहलत दी जाए। हाईकोर्ट ने मान को पांच सप्ताह में जांच में शामिल होने का आदेश दिया है। साथ ही जांच अधिकारी को छूट दी कि यदि वह पहले जांच शुरू करना चाहें तो वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए मान को शामिल कर सकते हैं।