पंजाब में जहां भूजल के दोहन को लेकर पंजाब जल नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने नई दरें 1 फरवरी से लागू की हैं, वहीं भूजल के संरक्षण को लेकर अथॉरिटी ने पहली बार छूट का भी एलान किया है। नए निर्देशों के तहत भूजल को नियमित करने के अलावा उपयोगकर्ताओं को जल संरक्षण पर विशेष छूट भी दी जाएगी। यह छूट देने वाला पंजाब देश का पहला राज्य है। इसके तहत प्रति क्यूबिक मीटर (1000 लीटर) पानी के संरक्षण के लिए उपभोक्ताओं को 2.50 रुपये की छूट मिलेगी। अथॉरिटी राज्य सरकार के विभागों द्वारा लागू किए जाने वाले सार्वजनिक जल संरक्षण प्रोजेक्टों को भी फंड देगी।
प्राधिकरण के चेयरमैन करण अवतार सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूआरडीए भारत की पहली जल अथॉरिटी है, जिसने जल संरक्षण के लिए छूट देने की प्रक्रिया को लागू किया है। उपभोक्ता अथॉरिटी की मंजूरी से जल संरक्षण योजना को यूनिट के अंदर या बाहर लागू करने का चयन कर सकते हैं। इसके तहत उपभोक्ता पानी के संरक्षण पर रियायत प्राप्त करने का हकदार होगा। एक यूनिट के लिए उपलब्ध अधिक से अधिक छूट इसके द्वारा निकाले जा रहे भूजल की मात्रा और उस जोन पर निर्भर करेगी जिसमें यूनिट स्थित है। प्राधिकरण ने भूजल के मूल्यांकन से संबंधित क्षेत्रीय स्तर की जानकारी वेबसाईट पर उपलब्ध करवा दी है।
उन्होंने बताया कि अथॉरिटी द्वारा भूजल निकालने के खर्चों का प्रयोग अलग-अलग विभागों की सार्वजनिक जल संरक्षण योजनाओं के पानी को लाने और ले जाने की प्रक्रिया में सुधार के लिए किया जाएगा, जिससे भूजल के रिचार्ज में सुधार करने के साथ-साथ नहरी पानी अधीन क्षेत्रफल को बढ़ाया जा सके। अथॉरिटी कृषि में पानी की बचत संबंधी तकनीकों में तेजी लाने और क्रियान्वयन की सुविधा देगा। इस मंतव्य के लिए राज्य में भूजल को बचाने के लिए संगरूर जिले में राज्य सरकार के साथ तालमेल करके पानी के संरक्षण के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। यह प्रोजेक्ट जिले के 29 गांवों के 1,720 एकड़ के क्षेत्र को कवर करता है।