मनप्रीत बादल के चंडीगढ़ आवास पर मौजूद विजिलेंस टीम।
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विजिलेंस ने अब राज्यस्तरीय टीमों को छापेमारी में शामिल किया है। शुक्रवार सुबह हिमाचल में शिमला के आसपास, उत्तराखंड में बाजपुर, काशीपुर व देहरादून और राजस्थान के कई स्थानों पर दबिश दी गई। इसके बाद शाम को विजिलेंस ने चंडीगढ़ स्थित मनप्रीत बादल के आवास पर छापेमारी की। दबिश के बाद विजिलेंस के डीएसपी कुलवंत सिंह ने कहा कि हमें यहां कुछ नहीं मिला। उन्होंने जमानत याचिका दायर की है। चार अक्तूबर को सुनवाई होगी। हम अदालत में इसका विरोध करेंगे।
उधर, करीबियों पर भी लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। शुक्रवार को ही एक शराब कारोबारी के दफ्तर में दबिश दी गई। वहीं मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ विजिलेंस ने लुक आउट सकुर्लर भी जारी किया है ताकि वह विदेश भाग न सके।
मनप्रीत के हमशक्ल को विजिलेंस ने रोका
सूत्रों के मुताबिक दो दिन पहले जब विजिलेंस की टीमें मनप्रीत बादल की तलाश में जुटी थी। उस समय मनप्रीत बादल के हमशक्ल बठिंडा के एक सरपंच वहां से गुजर रह रहे थे। विजिलेंस को लगा कि मनप्रीत गाड़ी में जा रहे हैं। विजिलेंस ने उनकी गाड़ी रुकवा दी। इसके बाद उन्होंने विजिलेंस को अपना परिचय दिया। इसके बाद विजिलेंस ने उन्हें जाने दिया।
वड़िंग बोले- मनप्रीत की छोड़ो, किसी और मुद्दे पर बात करो
एक तरफ जहां नशा तस्करी से जुड़े केस में फंसे कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा के साथ पूरी पार्टी खड़ी दिख रही है। वहीं मनप्रीत बादल के साथ स्थिति विपरीत है। भाजपा का कोई भी नेता उनके साथ नहीं दिख रहा है। वहीं जब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से उनके बारे में सवाल किया तो उनका कहना था कि मनप्रीत की छोड़ो, किसी और मु्ददे पर बात करो।