विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल दस्तावेजों की जांच शुरू की गई है। अगर किसी तरह की धांधली सामने आती है तो विजिलेंस आगे कार्रवाई करेगी। ब्यूरो के पास उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार राजा वड़िंग के कार्यकाल में पंजाब रोडवेज के लिए 841 बसों की खरीद की गई जिनकी बॉडी (चेसिस) राजस्थान में बनवाई गई और उनकी फिटिंग का ठेका भी जयपुर की एक कंपनी को दिया गया।
प्रत्येक बस की चेसिस 26 लाख रुपये में खरीदी गई। ब्यूरो को आशंका है कि इस खरीदारी में कमीशन का बड़ा खेल हुआ है। जिस दाम पर चेसिस खरीदी गईं, यह उसका बाजार भाव है जबकि 841 चेसिस की थोक खरीद में निर्माता कंपनी से कीमत में कोई छूट न लेना, यह संदेह पैदा करता है कि प्रत्येक चेसिस की खरीद में लाखों की कमीशनखोरी हुई है।
इसके अलावा, 841 बसों की चेसिस की फिटिंग का काम भी जयपुर की बीएमएमएस कंपनी को प्रति चेसिस 11.98 लाख रुपये की दर से दिया गया, जबकि पंजाब में उस दौरान चेसिस फिटिंग करने वाली कंपनियां इससे काफी कम दाम में यह काम कर रही थीं। विजिलेंस ने पाया है कि राजा वड़िंग ने परिवहन मंत्री रहते पंजाब में सेमी डीलक्स बस चेसिस की फिटिंग 6-7 लाख में और साधारण बस चेसिस की फिटिंग 4-5 लाख रुपये में हो जाती थी। इसके बावजूद राजस्थान की कंपनी को 11.98 लाख रुपये प्रति चेसिस के हिसाब से पैसा देकर फिटिंग कराई गई, जिससे पंजाब परिवहन विभाग को करीब 100 करोड़ रुपये का चूना लगा है।
अपने चहेतों को भारी संख्या में रूट परमिट बांटने का भी आरोप
परिवहन मंत्री रहते राजा वड़िंग पर एक अन्य आरोप निजी ऑपरेटरों और अपने चहेतों को भारी संख्या में रूट परमिट बांटे जाने का भी लगा है। विजिलेंस ब्यूरो इस मामले की भी जांच कर रहा है, जिसके लिए परिवहन विभाग के उन परमिटों का ब्योरा मांगा गया है, जो वड़िंग के कार्यकाल में जारी किए गए थे।
आप की सरकार बनने के बाद ही मामला आया था चर्चा में
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही यह मामला चर्चा में आ गया था, जब आप सरकार के तत्कालीन परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने खुले तौर पर आरोप लगाया था कि राजा वड़िंग के मंत्री रहते बसों की बॉडी खरीदने और लगाने में बड़ा घोटाला हुआ है। भुल्लर ने इस मामले में जांच के आदेश भी जारी किए थे लेकिन यह मामला आगे नहीं बढ़ सका था।