जांच में सामने आया है कि विभाग के 45 अधिकारी व कर्मचारी जिन्हें अब कारण बताओ नोटिस जारी किया हैं, उनके पास सबसे अधिक पेंडेंसी है। इनमें से तीन को कारण बताओ नोटिसों का जवाब न देने और ड्यूटी में कोताही करने के लिए चार्जशीट किया गया है। अमन अरोड़ा ने कहा कि मामलों की क्लीयरेंस में अनावश्यक देरी से जहां लोगों को परेशान होना पड़ता है। वहीं अनैतिक और भ्रष्ट तरीकों का जन्म होता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इन अफसरों को किया गया चार्जशीट
जिन तीन अधिकारियों को चार्जशीट किया गया है, उनमें जसपाल कौर सहायक इस्टेट अफसर पटियाला विकास अथॉरिटी, राजेश कुमार सीनियर सहायक (लेखा) अमृतसर विकास अथॉरिटी और परमिंदर सिंह सीनियर सहायक इस्टेट दफ्तर गमाडा शामिल हैं।
इन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस
जिन 42 अधिकारियों/ कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया हैं, उनमें अमृतसर विकास अथॉरिटी का एक जूनियर इंजीनियर (सिविल), जालंधर विकास अथॉरिटी के चार जूनियर इंजीनियर, बठिंडा विकास अथॉरिटी का एक सेक्शन अफसर (एसओ) और एक सीनियर सहायक (लेखा) और गलाडा के चार सीनियर सहायक (लेखा), एक सहायक इस्टेट अफसर, एक सब डिवीजन इंजीनियर (सिविल), एक सुपरिंटेंडेंट और एक एसओ शामिल हैं।
इसी तरह गमाडा के 27 अधिकारियों/कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें एक इस्टेट अफसर (आवास निर्माण), एक इस्टेट अफसर (प्लाट), तीन सहायक इस्टेट अफसर, चार सुपरिंटेंडेंट (इस्टेट दफ्तर), दो सीनियर सहायक (लेखा), सात क्लर्क, सात सीनियर सहायक और दो जेई (सिविल) शामिल हैं।