पंजाब पुलिस के एआईजी सरबजीत सिंह के बेटे पर्वर निशान सिंह को शनिवार रात चंडीगढ़ पुलिस ने विदेशी पिस्टल और 13 कारतूस के साथ पकड़ा। परमिट नहीं दिखा पाने पर पुलिस ने आरोपी और उसके दोस्त को हिरासत में ले लिया और खिलाफ आर्म्स एक्ट व बिना लाइसेंस हथियार लेकर चंडीगढ़ में घूमने के मामले में आईपीसी की धारा 188 के तहत केस दर्ज कर लिया।
जांच में पता चला कि बरामद पिस्टल एआईजी सरबजीत सिंह की है। पुलिस ने थार गाड़ी, पिस्टल और कारतूस जब्त कर मोहाली के कमांडो कांप्लेक्स फेज-11 निवासी आरोपी पर्वर निशान और सेक्टर-19 निवासी 24 वर्षीय दोस्त अमन पनेसर को छोड़ दिया।
झपटमारी की घटनाओं को देखते हुए शनिवार रात को सेक्टर-17 व 18 के लाइट प्वाइंट पर पुलिस चेकिंग चल रही थी। रात लगभग 11.20 बजे टेंपरेरी नंबर की एक थार गाड़ी को सब इंस्पेक्टर विवेक कुमार ने रोका और चालक पर्वर निशान सिंह और उसके दोस्त अमन को गाड़ी से उतारकर चेकिंग की। इस दौरान ड्राइवर की सीट के पास से एक पिस्टल और 13 कारतूस मिले। पुलिस ने आरोपी से पिस्टल का लाइसेंस और परमिट मांगा तो वह टालमटोल करने लगा। पिस्टल मेड इन ऑस्ट्रिया है।
जांच में पता चला कि आरोपी पर्वर निशान सिंह पंजाब पुलिस के एआईजी सरबजीत सिंह का बेटा है। यह भी पता चला कि पर्वर निशान सिंह की खुद की म्यूजिक कंपनी है और वह म्यूजिक डायरेक्टर भी है। बेटे को हिरासत में लिए जाने के बाद के बाद सरबजीत सिंह भी सेक्टर-17 थाने पहुंचे।
औरों पर सितम, अपनों पर करम
हथियार के साथ पकड़े जाने पर चंडीगढ़ पुलिस सबसे पहले हथियार जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार करती है लेकिन इस केस में पुलिस ने दरियादिली दिखाई। पुलिस के बड़े अधिकारी का बेटा होने के कारण इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार किए बिना ही छोड़ दिया। कारण पूछे जाने पर जांच का हवाला दे दिया। कहा कि जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
विशेष नाके पर पहले भी पकड़े गए हैं कई आरोपी
सेक्टर-17 व 18 के लाइट प्वाइंट पर चंडीगढ़ पुलिस का विशेष नाका लगता है। यहां मई में फर्जी नंबर लगाकर घूम रहे एक्टिवा सवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
आरोपी के पास से कट्टा भी बरामद हुआ था। वहीं, जून में 13 ग्राम हेरोइन के साथ एक युवक को पकड़ा गया था जबकि इस माह में एक युवक से 32 बोर की पिस्टल और 7 कारतूस बरामद किए थे। वहीं, इसी नाके पर कार सवार से 32 बोर की पिस्टल और ढाई लाख रुपये पकड़े गए थे।
जांच करेंगे कि आखिर आरोपी अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल चंडीगढ़ कैसे ले आया। इसमें पिता की लापरवाही सामने आई तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। - ओम प्रकाश, प्रभारी, सेक्टर-17 थाना।