हरियाणा के रोहतक में एमडीयू परिसर में फायरिंग से घायल एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। रविवार को उसे निजी अस्पताल से गुरुग्राम हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया, जबकि परिजन बेहतर उपचार के लिए उसे बीते रोज पीजीआई से निजी अस्पताल लेकर आए थे।
दूसरी ओर मामले में फायरिंग के मुख्य आरोपी अमित उर्फ मोनू समेत चार के खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। दूसरे दिन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने छापे की कार्रवाई की, लेकिन देर शाम तक कोई कामयाबी नहीं मिली।
घटनाक्रम के अनुसार शनिवार को एमडीयू में राज्यपाल का कार्यक्रम था, जो शाम करीब पौने छह बजे तक चला। इसके 45 मिनट बाद ही रुपयों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद परिसर में एक युवक ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें चार लोग घायल हो गए। रिठाल नरवाल निवासी विजय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि माडल टाउन में वह एकेडमी चलाता है।
उसका खेड़ी महम निवासी दीपक के साथ पैसे के लेनदेन का विवाद चल रहा है। उसे दीपक से पैसे लेने हैं, लेकिन वह बार-बार समय देकर टाल मटोल कर रहा है। शनिवार शाम चार बजे दीपक ने उसे पैसे का हिसाब करने की बात कही। शाम करीब साढ़े पांच बजे उसके पास आसन निवासी सुशील हुड्डा का फोन आया कि आप एमडीयू में आ जाओ।
लाइब्रेरी के पास पहले से दीपक, बलियाना निवासी अमित उर्फ मोनू, विकास फौजी और एक अन्य युवक मौजूद था। सभी गाड़ी में बैठकर बातचीत करने लगे। अमित ने कहा कि दीपक पैसे नहीं देगा। यह कहकर उसे गाड़ी से नीचे उतार दिया। इसी बीच विकास उर्फ फौजी ने उसे रोक लिया। बोला, जाओ मत, एक बार बात करके बताते हैं।
उसने नजदीक बैठकर अपने परिचित झज्जर के खेड़ी आसरा निवासी हर्ष को बुला लिया। साथ में हर्ष का दोस्त विदित, आसन निवासी कुलदीप भी आ गए। सभी आपस में बातचीत कर रहे थे। सुशील हुड्डा भी उनके पास आकर खड़ा हो गया। तभी अचानक आरोपी अमित उर्फ मोनू फायरिंग करने लगा। इस दौरान गोली सुशील के हाथ और कुलदीप के पैर में लगी।
इसके बाद आरोपी सफेद रंग की स्कॉर्पियो में बैठकर एमडीयू के गेट नंबर एक की तरफ भागने लगे। तभी हर्ष और विदित ने कार में सवार होकर उनका पीछा किया। फिर आरोपियों ने गेट नंबर एक के पास हर्ष और विदित पर भी गोलियां चला दी। दो गोली हर्ष और एक विदित को लगी है। जख्मी हर्ष की हालत गंभीर बताई जा रही है।
देर रात रिठाल गांव के एकेडमी संचालक विजय के बयान पर खेड़ी महम निवासी दीपक, बलियाना निवासी अमित उर्फ मोनू के अलावा विकास फौजी सहित चार के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। रविवार को दिनभर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मार कार्रवाई कर रही थी, लेकिन कामयाब नहीं हो सकी।
आरोपियों की गाड़ी में लगे पुलिस के स्टीकर से चकमा खा गए सुरक्षाकर्मी
एमडीयू के सुरक्षित परिसर में राज्यपाल के कार्यक्रम के तुरंत बाद सरेआम फायरिंग से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हर तरफ बस यही सवाल उठ रहा था कि हथियारबंद आरोपी चाक चौबंद सुरक्षा के बीच परिसर में कैसे प्रवेश हो गए और फिर फायरिंग के बाद फरार हो गए। ऐसे में जांच के बाद यह बात सामने आई कि आरोपियों की गाड़ी में पुलिस का स्टिकर लगा था, इस कारण सुरक्षाकर्मी चकमा खा गए।
दरअसल, राज्यपाल के कार्यक्रम को लेकर लगातार परिसर में पुलिस की गाड़ियों का आना जाना लगा था। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों को यह पता नहीं लगा कि कब आरोपी परिसर में प्रवेश कर गए। इस संबंध में एमडीयू के सुरक्षा अधिकारी बलराज सिंह का कहना है कि गाड़ी में लगे पुलिस के स्टीकर के कारण वारदात के बाद भी स्कॉर्पियो निकल गई, जबकि सतर्कता दिखाते हुए गेट बंद करने पर आरोपी दूसरी गाड़ी परिसर में ही छोड़ गए।
पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है। शनिवार रात और रविवार दिन में छापामारी की गई, लेकिन आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें आरोपियों को काबू करने के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। दोनों पक्षों में दो छात्रों को छोड़कर अन्य बाहरी हैं।
- इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम, थाना प्रभारी पीजीआईएमएस थाना
सीआरपीएफ में तैनात है एक आरोपी
पुलिस जांच में पता चला है कि विकास फौजी सीआरपीएफ का जवान है, जो आरोपी दीपक, अमित व एक अन्य के साथ फरार है। पुलिस ने आरोपियों को काबू करने के लिए महम व दूसरे स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
सुशील हुड्डा कर रहा विवि में पीएचडी, बाकी बाहरी युवक
जांच में पता चला है कि घायलों में शामिल आसन गांव निवासी सुशील हुड्डा पीएचडी कर रहा है। जबकि मधुबन में तैनात है। हर्ष लॉ का छात्र है और विदित उसका दोस्त है। जबकि आरोपियों में कोई भी विवि का छात्र नहीं है। सभी बाहरी बताए गए हैं। ऐसे में विवि की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।