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कोटकपूरा गोलीकांड: SIT ने फरीदकोट कोर्ट में दाखिल की सात हजार पन्नों की चार्जशीट, पूर्व CM बादल का नाम शामिल

Fri, 24 Feb 2023 04:53 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, कोटकपूरा/फरीदकोट (पंजाब)

सार

सरकार ने बहिबल इंसाफ मोर्चा को 28 फरवरी तक कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। कोटकपूरा गोलीकांड केस की आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की अगुवाई में हुई जांच रिपोर्ट को अप्रैल 2021 में रद्द कर दिया गया था।  
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कोटकपूरा गोलीकांड में चार्जशीट दाखिल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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बहुचर्चित कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रहे पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को स्थानीय अदालत में सात हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। एसआईटी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के अलावा तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी व कोटकपूरा सिटी के थाना प्रभारी (एसएचओ) समेत छह पुलिस अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है। इन सभी पर इरादा-ए-कत्ल, आपराधिक साजिश रचने व तथ्यों से छेड़छाड़ करने समेत अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

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किस पर क्या आरोप
चार्जशीट के अनुसार कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में तत्कालीन डीजीपी सैनी व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है, जबकि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर साजिश को अंजाम देने में मदद करने का आरोप लगाया गया है। तत्कालीन आईजी उमरानंगल, डीआईजी फिरोजपुर अमर सिंह चाहल व एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा पर साजिश को अंजाम देने का आरोप है। इसी तरह फरीदकोट के तत्कालीन एसएसपी सुखमंदर सिंह मान व कोटकपूरा के एसएचओ गुरदीप सिंह पर साजिश को अंजाम देने, तथ्यों को छिपाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप है। एसआईटी ने अभी वर्ष 2018 वाली एफआईआर में ही चार्जशीट दाखिल की है, जबकि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर मामले में अगली सुनवाई छह मार्च को है।

पहली बार नामजद हुए बड़े बादल व सुखबीर
गोलीकांड की घटनाओं में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से पंजाब पुलिस की एसआईटी कई बार पूछताछ कर चुकी है लेकिन पहली बार उन्हें कोटकपूरा गोलीकांड की घटना में बतौर आरोपी नामजद किया गया है। पीड़ित परिवार व सिख संगठन लगातार मांग करते रहे हैं कि गोलीकांड की घटनाओं के लिए उस समय का बादल परिवार जिम्मेदार था, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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यह है मामला
12 अक्तूबर, 2015 को फरीदकोट के बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटना के बाद सिख संगठनों ने कोटकपूरा व बहिबलकलां में प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। 14 अक्तूबर को कोटकपूरा व बहिबलकलां में चल रहे प्रदर्शनों को पुलिस ने बल प्रयोग से खत्म करवाया था। बहिबलकलां में पुलिस की फायरिंग में दो सिख युवकों की मौत हो गई थी। वहीं, कोटकपूरा गोलीकांड में करीब 100 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। 7 अगस्त, 2018 को पुलिस ने अज्ञात लोगों पर इरादा-ए-कत्ल का केस दर्ज किया था।

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