इसमें पिछले माह एसआईटी ने धारा 148, 149 हटा दी है और धारा 201, 218, 120 बी व 34 को जोड़ दिया था। इसी मामले में सोमवार को आईजी परमराज सिंह उमरानंगल की पहली गिरफ्तारी की गई है। एसआईटी के सदस्य और आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि आईजी उमरानंगल को कोटकपूरा गोलीकांड मामले में गिरफ्तार किया गया है और उन्हें फरीदकोट अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।
रणजीत सिंह आयोग में सामने आया था नाम
सूत्रों के मुताबिक जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में कोटकपूरा और बहिबल कलां गोलीकांड की घटनाओं में आईजी परमराज सिंह उमरानंगल की भूमिका संदिग्ध थी। आयोग के पास पीड़ित व्यक्तियों और गवाहों ने आईजी उमरानंगल की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। आयोग में नाम सामने आने पर उनकी भूमिका को लेकर एसआईटी द्वारा उन्हें पड़ताल के लिए कई बार बुलाया गया लेकिन वह एसआईटी को इस बात के लिए ही संतुष्ट नहीं कर पाए कि आखिरकार वह किसके कहने पर घटना वाले दिन कोटकपूरा पहुंचे थे।
उन्होंने एसआईटी के पास दावा किया था कि वह उस दिन धरनाकारियों से बातचीत के लिए कोटकपूरा गए थे, लेकिन जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में सामने आया था कि वह कोटकपूरा व बहिबल कलां में धरनाकारियों को उठाने के लिए कार्रवाई करवाने वाली पुलिस अधिकारियों की टीम में प्रमुख रूप से शामिल थे। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि घटना वाले दिन उनकी उस समय के डीजीपी पंजाब सुमेध सिंह सैनी के साथ भी बातचीत हुई थी।
फरीदकोट के एसएसपी रहे हैं उमरानंगल
कोटकपूरा गोलीकांड मामले में गिरफ्तार आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, फरीदकोट के एसएसपी भी रहे हैं। तैनाती के समय फरीदकोट में भी वह काफी विवादों से घिरे रहे।