पंजाब पुलिस ने लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट केस का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है। डीजीपी पंजाब वीके भावरा ने शनिवार को एक ट्वीट कर यह जानकारी दी। डीजीपी ने कहा कि लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट के मुख्य आरोपी को बॉर्डर रेंज की एसटीएफ टीम ने गिरफ्तार किया है। विस्फोट में इस्तेमाल आईईडी की तस्करी आईएसआई समर्थित ड्रोन के जरिए की गई थी। डीजीपी ने बताया कि इस ऑपरेशन का संचालन केंद्रीय एजेंसी के समन्वय में किया गया था।
अमृतसर पुलिस ने सीमांत गांवों में दबिश देकर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से हथियार, विस्फोटक सामग्री और हेरोइन बरामद की गई है। काबू किए जाने वालों में एक आठवीं कक्षा का छात्र भी है, जो तस्करों के संपर्क में था। एसटीएफ ने यह बड़ी कार्रवाई पंजाब में छह जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर मनाए जाने वाले घल्लूघारा से पहले की।
आईजी बॉर्डर रेंज मोहनीष चावला ने बताया कि पुलिस ने शहर में विभिन्न जगहों पर छापेमारी करके धनोए कलां निवासी हरप्रीत हैप्पी, चक्क अल्लाह बख्श दिलबाग सिंह उर्फ बागो और धनोए खुर्द सविंदर भल्ला के अलावा आठवीं कक्षा के एक छात्र को भी गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि छात्र को जुवेनाइल कोर्ट में पेश करने के बाद चाइल्ड केयर सेंटर, लुधियाना भेज दिया गया है। जबकि गिरफ्तार तीन अन्य लोगों को पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।
आईजी चावला ने बताया कि आरोपी सविंदर सिंह और दिलबाग सिंह को 18 मई को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि उन लोगों ने पाकिस्तान आधारित तस्कर हाजी अकरम से हेरोइन की खेप 12 मई की रात को मंगवाई थी, जो दोनों ने 500-500 ग्राम बांट ली। रिमांड के दौरान उक्त हेरोइन दोनों से बरामद कर ली गई। दिलबाग सिंह ने माना कि उसके पास दो पाकिस्तानी सिम भी है, जिनके जरिए वह पाकिस्तानी तस्करों से बात करता है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक नोकिया का मोबाइल फोन, जिसमें 2 पाकिस्तानी सिम कार्ड थे, भी बरामद कर लिया।