पंजाब के डीजीपी वीके भावरा व अन्य।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी वीके भावरा के निर्देश पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। आईजी (बठिंडा रेंज) प्रदीप यादव ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है। एसआईटी में मानसा के एसपी (जांच) धर्मवीर सिंह, बठिंडा के डीएसपी (जांच) विश्वजीत सिंह और मानसा के सीआईए प्रभारी पृथ्वीपाल सिंह को शामिल किया गया है।
सिद्धू मूसेवाला रविवार को अपनी महिंद्रा थार गाड़ी में गुरविंदर सिंह (पड़ोसी) और गुरप्रीत सिंह (चचेरे भाई) के साथ शाम करीब साढ़े चार बजे घर से निकले थे लेकिन रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। इस मामले में डीजीपी वीके भावरा ने चंडीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा था कि जब सिद्धू मूसेवाला गांव जवाहरके पहुंचे तो उनका पीछा एक सफेद कोरोला ने किया और उन्हें सामने से सफेद बोलेरो और एक गहरे भूरे रंग की स्कॉर्पियो समेत दो कारों ने रोका।
मंगलवार को सिद्धू की सुरक्षा वापस लेने के बारे में डीजीपी का कहना था कि घल्लूघारा सप्ताह को देखते हुए पुलिस ने सिद्धू मूसेवाला के केवल दो सुरक्षा कर्मियों को कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के लिए अस्थायी रूप से वापस ले लिया था, जबकि उनके साथ कमांडो बटालियन के दो पुलिस कर्मी तैनात थे। उन्होंने कहा कि घर से निकलते समय सिद्धू अपने दो पुलिसकर्मियों को साथ नहीं ले गए और अपनी निजी बुलेट प्रूफ कार भी घर पर ही छोड़ गए।
इस बीच, डीजीपी ने आईजी बठिंडा रेंज प्रदीप यादव, एसएसपी मनसा गौरव तूरा और एसएसपी बठिंडा जे एलानचेजियान को मानसा में कैंप करने का निर्देश दिया है। वहीं, एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) सिद्धू मूसेवाला के हत्यारों को पकड़ने के लिए आवश्यक बल मुहैया कराएंगे।