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Punjab: एक करोड़ की रिश्वत लेने के आरोप में AIG आशीष कपूर गिरफ्तार, डीएसपी इंटेलिजेंस और एएसआई भी नामजद

Thu, 06 Oct 2022 01:39 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आशीष कपूर पंजाब पुलिस के तेज तर्रार आफिसरों में से एक माने जाते हैं। वह चंडीगढ़ में भी अपने सेवाएं दे चुके हैं। इतना ही नहीं वह टेनिस के अच्छे खिलाड़ी भी हैं।
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एआईजी आशीष कपूर। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) आशीष कपूर और एएसआई हरजिंदर सिंह को एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गुरुवार को गिरफ्तार किया। कपूर इस समय पठानकोट में चौथी भारतीय रिजर्व बटालियन के कमांडेंट के तौर पर तैनात थे। विजिलेंस ने इस मामले में डीएसपी इंटेलिजेंस पवन कुमार को भी नामजद किया है। उनकी तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। सभी आरोपियों पर भ्रष्टाचार रोको कानून की धारा -7, 7ए व आईपीसी की धारा 420, 120 बी के तहत केस दर्ज किया है।

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साल 2016 में आशीष कपूर केंद्रीय जेल अमृतसर में अधीक्षक के पद पर थे। उसी दौरान उनकी कुरुक्षेत्र सेक्टर 30 की निवासी पूनम राजन से परिचय हुआ, जो किसी मामले में न्यायिक हिरासत में चल रही थी। साल 2018 में पूनम राजन, उसकी मां प्रेम लता, भाई कुलदीप सिंह व भाभी प्रीति के खिलाफ जीरकपुर थाने में एक धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। जब सभी पुलिस रिमांड पर चल रहे थे तो उस दौरान आशीष कपूर जीरकपुर थाने पहुंचे। उन्होंने पूनम राजन की मां प्रेम लता को आश्वस्त किया कि वह उन्हें इस केस में जमानत दिलाने के साथ बरी करवाएंगे। इसके बाद कपूर ने थाना जीरकपुर के तत्कालीन एसएचओ पवन कुमार व एएसआई हरजिंदर सिंह के साथ मिलीभगत कर पूनम की भाभी प्रीति को निर्दोष घोषित करवा दिया।

रिश्वत की रकम परिचितों के खातों में जमा करवाए
इस अहसान के बदले कपूर ने एएसआई हरजिंदर के माध्यम से एक करोड़ रुपये के चेकों पर प्रेम लता के हस्ताक्षर करवाए। उन चेकों को उन्होंने अपने परिचितों के नाम से जमा कर हरजिंदर के माध्यम से कैश करवाया। बाद में इसी मामले में कपूर के खिलाफ शिकायत दी गई।
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40 दिन से लटक रही थी गिरफ्तारी की तलवार
करीब 40 दिन पहले विजिलेंस ने कपूर की मोहाली स्थित कोठी की पैमाइश की थी। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि उनकी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।

पहले भी लगे हैं गंभीर आरोप
एआईजी आशीष कपूर पर पहले भी महिला से दुष्कर्म और भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। एफआईआर दर्ज करवाने वाली महिला ने उन पर दुष्कर्म और परिजनों का शोषण करने का आरोप लगाया। पूर्व में दी गई शिकायत में महिला ने बताया कि कपूर ने उसे व उसके परिवार को 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी के झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवाया। इस दौरान कपूर ने उसका यौन शोषण भी किया।

खेलों से पंजाब पुलिस का नाम किया रोशन
एआईजी कपूर लॉन टेनिस के अच्छे खिलाड़ी हैं। इस खेल के जरिए उन्होंने कई बार पंजाब पुलिस के लिए खिताब जीता। वह हर साल वर्ल्ड पुलिस गेम्स में हिस्सा लेते थे और वहां से मेडल भी लेकर आते थे। वह चंडीगढ़ में डीएसपी के पद पर भी रह चुके हैं।
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विजिलेंस में दे चुके हैं सेवाएं
आशीष कपूर मूलरूप से पटियाला के रहने वाले हैं। इस समय वह मोहाली में रह रहे थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में उन्हें विजिलेंस ब्यूरो में तैनाती मिली। इस दौरान उन्होंने कई नामी लोगों को गिरफ्तार भी किया। उनके प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध रहे हैं।

नेता, आईएस व अब पुलिस अधिकारी पर शिकंजा
आप सरकार ने सत्ता में आते ही भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पूर्व सरकार के नेताओं, आईएएस, आईएफएस के बाद अब पुलिस अधिकारी पर शिकंजा कसा गया है। पूर्व वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत और भारत भूषण आशु को भ्रष्टाचार के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचाया। मान सरकार ने अपने ही स्वास्थ्य मंत्री विजय विजय सिंगला को जेल भेजा।
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