40 दिन से लटक रही थी गिरफ्तारी की तलवार
करीब 40 दिन पहले विजिलेंस ने कपूर की मोहाली स्थित कोठी की पैमाइश की थी। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि उनकी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।
पहले भी लगे हैं गंभीर आरोप
एआईजी आशीष कपूर पर पहले भी महिला से दुष्कर्म और भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। एफआईआर दर्ज करवाने वाली महिला ने उन पर दुष्कर्म और परिजनों का शोषण करने का आरोप लगाया। पूर्व में दी गई शिकायत में महिला ने बताया कि कपूर ने उसे व उसके परिवार को 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी के झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवाया। इस दौरान कपूर ने उसका यौन शोषण भी किया।
खेलों से पंजाब पुलिस का नाम किया रोशन
एआईजी कपूर लॉन टेनिस के अच्छे खिलाड़ी हैं। इस खेल के जरिए उन्होंने कई बार पंजाब पुलिस के लिए खिताब जीता। वह हर साल वर्ल्ड पुलिस गेम्स में हिस्सा लेते थे और वहां से मेडल भी लेकर आते थे। वह चंडीगढ़ में डीएसपी के पद पर भी रह चुके हैं।
विजिलेंस में दे चुके हैं सेवाएं
आशीष कपूर मूलरूप से पटियाला के रहने वाले हैं। इस समय वह मोहाली में रह रहे थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में उन्हें विजिलेंस ब्यूरो में तैनाती मिली। इस दौरान उन्होंने कई नामी लोगों को गिरफ्तार भी किया। उनके प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध रहे हैं।
नेता, आईएस व अब पुलिस अधिकारी पर शिकंजा
आप सरकार ने सत्ता में आते ही भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पूर्व सरकार के नेताओं, आईएएस, आईएफएस के बाद अब पुलिस अधिकारी पर शिकंजा कसा गया है। पूर्व वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत और भारत भूषण आशु को भ्रष्टाचार के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचाया। मान सरकार ने अपने ही स्वास्थ्य मंत्री विजय विजय सिंगला को जेल भेजा।