अब तक पार्टी स्तर पर मंत्रियों की हुई समीक्षा में छह मंत्रियों के कार्य को बेहतर बताया गया है। अन्य तीन मंत्रियों की समीक्षा रिपोर्ट अच्छी नहीं आई है। बताया जा रहा है कि पार्टी अभी इस मामले में कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाएगी, छह महीने तक उनके कामों पर पार्टी के समीक्षक नजर रखेंगे।
समीक्षा का समय पूरा होने के बाद ही मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व कोई बड़ा फैसला करेगा। स्वास्थ्य मंत्री पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई बर्खास्तगी की कार्रवाई इसी समीक्षा का हिस्सा है। इस कार्रवाई से कैबिनेट मंत्रियों के साथ ही पंजाब और दूसरे राज्यों में भी पार्टी ने बड़ा संदेश देने की सफल कोशिश की है।
इन मंत्रियों का काम बढ़िया
आप की समीक्षा में जिन मंत्रियों का काम बढ़िया मिला है उनमें छह नाम शामिल हैं। इन नामों में सबसे बड़ा नाम हरपाल सिंह चीमा का है। यह अभी सरकार के अहम मंत्रालय वित्त की देखरेख कर रहे हैं। दूसरे नंबर पर कुलदीप सिंह धालीवाल हैं, जो पंचायत मंत्री हैं। तीसरे नंबर पर शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर को रखा गया है। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री लालचंद, हरजोत सिंह बैंस और हरभजन सिंह ईटीओ के काम को अच्छा बताया गया है। वहीं डॉ. बलजीत कौर, लालजीत सिंह भुल्लर और ब्रह्म शंकर जिंपा के काम पर संतोष जताया गया है।
मुख्यमंत्री के संपर्क में अधिकारी
पंजाब कैबिनेट के मंत्रियों के कई अधिकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान के सीधे संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री मान सीधे अधिकारियों से मिलकर मंत्रियों के विभागों में किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट ले रहे हैं। हालांकि इसकी बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है क्योंकि मंत्रिमंडल में अधिकांश मंत्री पहली बार बड़ी जिम्मेदारी देख रहे हैं।
पंजाब को एक स्वच्छ और ईमानदार सरकार देने का आम आम आदमी पार्टी ने संकल्प लिया है। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री भगवंत मान इसको लेकर हर संभव कार्य कर रहे हैं। आप भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन से निकली पार्टी है इसलिए यह साफ है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की राजनीति ईमानदारी पर आधारित है। - मलविंदर सिंह कंग, प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी