सूबे के तरनतारन जिले में सबसे अधिक किसान रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों मे इनका प्रतिशत 96.1 और शहरी क्षेत्रों में 73.9 फीसदी है। यहां की चारों सीटों खडूर साहिब, पट्टी, तरनतारन और खेमकरन पर कांग्रेस विजयी रही। यही हाल अमृतसर जिले का रहा। अमृतसर की छह ग्रामीण सीटों में से पांच पर कांग्रेस विजयी रही थी। अमृतसर जिले में 91.2 प्रतिशत किसान रहते हैं। इसके अलावा गुरदासपुर, फतेहगढ़ साहिब, मोगा में भी ग्रामीण आबादी है और यहां पर किसानों का ही दबदबा है।
हमारे लिए किसानों का साथ देना राजनीतिक मजबूरी नहीं है। जो पूरे देश का पेट भरता हो, वह मजबूरी कैसे हो सकता है। मोदी सरकार का हमेशा से यह ध्येय रहा है कि अन्नदाता का जीवन स्तर ऊंचा करना है। इसी के तहत सरकार यह बिल लाई है। यदि इन बिलों को अच्छी तरह से पढ़ा जाएगा तो सारे भ्रम टूट जाएंगे। - अश्वनी शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
जब पंजाब में पानी का संकट गहराया था तो मुख्यमंत्री ने पंजाब के पानी को बचाने के लिए वाटर टर्मिनेशन एक्ट को खत्म किया था। आज भी कांग्रेस ने कृषि विधेयक के अस्तित्व में आने के बाद ही स्पष्ट कर दिया था कि यह किसानों के भविष्य को रौंद कर रख देगा। किसानों के इस संकट में भी कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी। - सुनील जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस