रिश्तेदार शहीद की पत्नी अनीता देवी, बेटी रिया (13) एवं बेटे जतिन (11) को हौसला बंधाते दिखे। जानकारी के अनुसार, शहीद सूबेदार राजेश कुमार के पार्थिव शरीर को कलीचपुर कलोता गांव के लिए रवाना कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन की उपस्थिति में गुरुवार को उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। राजेश कुमार 1996 में जालंधर में सेना भर्ती में चयनित हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग आरटी 60 में उरी जम्मू-कश्मीर में हुई। उसके बाद राजस्थान, नासिक और मुम्बई में भी वे तैनात रहे।
कलोते के जांबाज ने फिर दी शहादत
मुकेरियां क्षेत्र के सबसे ज्यादा फौज में सेवा देने वाले गांवों ने चार कलोते हैं। इनमें कलीचपुर कलोता, होशियारपुर कलोता, सरदूलपुर कलोता और बहादुरपुर कलोता है। परिवार को अपने सपूत की शहादत पर गर्व है। वहीं पाकिस्तान की नापाक हरकतों से गुस्सा भी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पाकिस्तान को इन हरकतों का कड़ा जवाब दिया जाना चाहिए।