इलाज न मिलने के कारण वह एक कमरे में तड़प रहा था तो किसी ने उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इस कारण अधिकारियों ने सुखविंदर सिंह को अस्पताल में भर्ती करवाया। इस लापरवाही में सुखविंदर सिंह की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। जब वीडियो ग्रामीणों के पास पहुंचा तो उनका गुस्सा भड़क गया।
रविवार को रेजिमेंट की टीम सैनिक का पार्थिव शरीर लेकर जब गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने उनका विरोध शुरू कर दिया और कई सवाल किए। उन्होंने सरकार से सुखविंदर सिंह की मौत के कारणों की जांच करने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में थाना मौड़ के एसएचओ हरनेक सिंह का कहना है कि गांव के कुछ लोग सैनिक की मौत के विरोध में शव लेकर पहुंचे सेना के अधिकारियों से सवाल जवाब कर रहे थे। ग्रामीण सिपाही का एक वीडियो भी दिखा रहे थे। उन्होंने बताया कि फिलहाल शव का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।