ओपीडी में दिखाने के लिए मरीजों को पहले टेलीफोन के माध्यम से अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसका समय सुबह 8 से 9.30 बजे तक रहेगा। पीजीआई प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि ओपीडी के साथ टेलीफोन के माध्यम से मरीजों को परामर्श दिए जाने का सिलसिला भी जारी रहेगा।
कोरोना के मामले बढ़ने व घटने पर तय मरीजों की संख्या बढ़ाई व घटाई जाएगी। पीजीआई की ओपीडी बीते मार्च महीने से बंद चली आ रही है। ओपीडी में रोजाना 10 हजार से ज्यादा मरीज देखे जाते थे।
इस तरह से चलेगी प्रक्रिया
ओपीडी में आने वाले मरीज टेलीफोन के माध्यम से पीजीआई में संपर्क करेंगे। उनकी बात सुनने के बाद पीजीआई डिपार्टमेंट से विचार-विमर्श के बाद मरीज को मैसेज के जरिए सूचना दी जाएगी कि उसे कब और किस वक्त आना है।
आने के बाद मरीज को ओपीडी के सामने डॉक्टर स्क्रीन करेंगे। स्क्रीनिंग के बाद ही मरीज ओपीडी में दाखिल हो पाएगा। पीजीआई प्रबंधन ने यह भी तय किया है कि जो मरीज बिना पंजीकरण पहुंचेंगे, उन्हें टेली परामर्श के माध्यम से निपटा दिया जाएगा।
इनका करना होगा पालन-
- वही लोग ओपीडी आएं जिनको बुलाया गया।
- ओपीडी में एक सीट छोड़कर बैठें ताकि शारीरिक दूरी बनी रह सके।
- हर मरीज का मास्क लगाकर आना जरूरी होगा।
- हाथों को साफ रखें और सैनिटाइज करते रहें।
- खुले में न थूके। चलते व बैठते वक्त दूरी बनाएं।
- एक मरीज के साथ एक ही तीमारदार आए।
सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) ने दो नवंबर से ओपीडी शुरू करने का फैसला लिया है। हॉस्पिटल पीजीआई का मॉडल अपनाते हुए टेलीफोन के माध्यम से पंजीकरण के बाद मरीजों को देखेगा। मरीजों को पहले मेडिकल कॉलेज के नंबरों पर कॉल करना होगा।
उसके बाद डॉक्टर तय करेंगे कि किस मरीज को ओपीडी में बुलाना है, किसे टेलीफोन के माध्यम से ही परामर्श देना है। पहले फेज में पल्मोनरी मेडिसिन (सांस विशेषज्ञ), रेडियोथैरेपी (कैंसर इलाज), पीडियाट्रिक्स (शिशु विशेषज्ञ), प्रसूति व स्त्री रोग और मनोरोग शामिल हैं।
मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक निदेशक डॉ. जसविंदर कौर ने बताया कि बिना पंजीकरण के किसी भी मरीज को नहीं देखा जाएगा। मरीज को पहले मेडिकल कॉलेज के नंबर पर कॉल करना होगा। उसके बाद अस्पताल की ओर से उन्हें सूचित किया जाएगा कि किस दिन और किस वक्त पर अस्पताल में आना है। मरीजों की कोई संख्या नहीं तय की गई है। ओपीडी में आने वाले हर मरीज को कोविड 19 के सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। ओपीडी के नंबर मेडिकल कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड है।