उन्होंने कहा कि यह हमारी और कांग्रेस की बदकिस्मती है। यह पूछे जाने पर कि कैप्टन सभी वादे पूरे किए जाने का भरोसा दिला रहे हैं, तृप्त बाजवा ने कहा कि जो मुख्यमंत्री साढ़े चार साल तक घर से बाहर ही न निकला हो, उसके बारे में क्या कहें? प्रदेश पार्टी प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा उठाए गए 75-25 के मुद्दे का समर्थन करते हुए तृप्त बाजवा ने आरोप लगाया कि कैप्टन और बादल दुबई में बैठक कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस के लिए 2022 चुनाव मुश्किल घड़ी है। यह पूछे जाने पर कि क्या 2022 में वे पंजाब कांग्रेस की अगुवाई करना चाहेंगे, बाजवा ने कहा कि जो भी फैसला होगा वह हाईकमान द्वारा लिया जाएगा।
कई मामलों में कैप्टन पूरी तरह फेल: परगट सिंह
कांग्रेस विधायक और महासचिव परगट सिंह ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह कई मामलों में पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। पार्टी हाईकमान से मिलने जा रहे प्रतिनिधिमंडल में शामिल परगट सिंह ने कहा कि हाईकमान को जो भी बातें बताने योग्य होंगी, वह बताई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों-विधायकों के कोई व्यक्तिगत मुद्दे नहीं हैं लेकिन कैप्टन की कारगुजारी पर असंतोष है। उन्होंने पार्टी में उभरे असंतोष पर कहा कि जब मुद्दे हल नहीं होंगे तो इसी तरह की तकलीफ सामने आएगी। यह पूछे जाने पर कि मंगलवार की बैठक में क्या कैप्टन को हटाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है, परगट ने कहा कि कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया लेकिन बैठक में मौजूद सभी लोग कैप्टन के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं।
लंबे समय से कैप्टन के विरोधी रहे कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने मंगलवार को साफ कर दिया कि इस मुख्यमंत्री (कैप्टन अमरिंदर सिंह) के साथ हमारे मसले हल नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब कांग्रेस ने पिछले चुनाव के दौरान जो वादे किए थे, उनमें से कुछ तो पूरे कर दिए लेकिन जिन वादों को पूरा करने में विरोधियों से टकराव होता हो, वह वादे अब तक लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि खासतौर पर बरगाड़ी मामला, नशे के सौदागरों को पकड़ना, बिजली समझौते, केबल माफिया, रेत खनन माफिया, ट्रांसपोर्ट माफिया और दलितों के मुद्दे ऐसे हैं, जिन्हें कैप्टन सरकार ने अब तक इसी लिए लटकाए रखा क्योंकि इन्हें हल करने में विरोधी पक्ष (बादल परिवार) से टकराव होता। इसी वजह से आज तक इन मुद्दों पर कोई प्रगति नहीं हो सकी।
सुमेध सैनी के मामले में चन्नी ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि पंजाब की इंटेलिजेंस को पता न हो कि सैनी घर पर है या नहीं। केवल उसके मकान पर लाठी खटखटाकर दिखाई जाती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि बरगाड़ी मामले पर जब विधायक दिल्ली में हाईकमान से मिलने गए तो सरकार ने बादलो को तलब कर लिया लेकिन उसके बाद आज तक कुछ नहीं हुआ। चन्नी ने साफ कहा कि हमें यकीन नहीं है कि मुद्दे हल होंगे।
मुझे मंत्री पद जाने का डर नहीं, हाईकमान से करेंगे बात: रंधावा
कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को तृप्त बाजवा के आवास पर बैठक के बाद कहा कि कैप्टन का विरोध करने में उन्हें अपना मंत्री पद जाने का कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने अपना फर्ज बाखूबी निभाया है। कैप्टन के खिलाफ कितने विधायक उनके साथ हैं, इस सवाल पर रंधावा ने कहा कि तृप्त के आवास पर बैठक सुबह 10 बजे शुरु हुई थी। उसी समय से भारी संख्या में विधायक आ और जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस और सरकार के हालात के बारे में वे पार्टी हाईकमान के सामने पूरी बात रखेंगे। नवजोत सिद्धू के सलाहकारों की बयानबाजी पर रंधावा ने कहा कि दोनों सलाहकारों के बयान राष्ट्र विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हमेशा मत है कि कश्मीर भारत का अटूट अंग है।