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अमृतसरः पंजाब गृह विभाग ने जारी की मजिस्ट्रेट जांच की अधिसूचना, गैर इरादतन हत्या का केस भी दर्ज

Sun, 21 Oct 2018 09:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेश पर राज्य के गृह विभाग ने अधिसूचना जारी करके जालंधर के डिवीजनल कमिश्नर बलदेव पुरुषार्थ को जांच करने की हिदायत दी है। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह निर्मलजीत सिंह कलसी की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार बी. पुरुषार्थ को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। जांच के दौरान उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के तौर पर सभी शक्तियां हासिल होंगी। 

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नोटिफिकेशन में मजिस्ट्रेट जांच की शर्तों का भी जिक्र किया गया है। यह जांच, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की विस्तृत जांच करने और व्यक्तिगत रूप में या किसी एजेंसी द्वारा यदि कोई लापरवाही की गई है, तो उसकी जांच की जाएगी और उसके मुताबिक ज़िम्मेदारी तय होगी। मजिस्ट्रेट जांच के दौरान भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने के लिए सुझाव देने को भी कहा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के मुताबिक यह जांच चार हफ्तों में मुकम्मल होगी और इसकी रिपोर्ट गृह और न्याय विभाग को सौंपी जाएगी।

धार्मिक और सामाजिक समारोह के लिए बनेंगे नियम

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य के गृह सचिव एनएस कलसी को निर्देश दिए हैं कि वे धार्मिक और सामाजिक जलसों के लिए अनुमति देने संबंधी दिशा निर्देश तय किए जाए ताकि शुक्रवार को दशहरे के अवसर पर अमृतसर में घटी दुखदायी घटना दोबारा न हो। मुख्यमंत्री की ओर से जारी हिदायतों में कहा गया है कि राज्य के किसी भी हिस्से में ऐसे समागम और जलसे करने के लिए स्पष्ट दिशा निर्देश तय किए जाने चाहिए। 

कैप्टन ने गृह सचिव को कहा कि दिवाली के त्योहार के मद्देनजर पटाखे बेचने और भंडारण करने वालों को तुरंत एडवाइजरी जारी की जाए ताकि तय सुरक्षा नियमों और दिशा निर्देश का पालन यकीनी बनाया जा सके। अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर रेल की चपेट में आने से 60 से अधिक लोगों की मौत और कई के जख्मी होने की घटना पर गंभीर नोटिस लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं बरती जाएगी। 
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राजकीय रेलवे पुलिस ने दर्ज किया गैर इरादतन हत्या का केस 

अमृतसर रेल हादसा
शुक्रवार शाम को हुए रेल हादसे में रेलवे ने गैर इरादतन हत्या और हादसे की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। हादसे में 59 लोगों की मौत हो गई और करीब 57 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने डीएमयू के चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की तरफ से एएसआई सतनाम सिंह ने बयान दर्ज कर मामला दर्ज किया है। इसमें लिखा गया है कि वह शुक्रवार को दशहरा के दिन धोबीघाट जौड़ा फाटक पर तैनात था। 

इसी बीच पटाखों की आवाज के बीच डीएमयू ट्रेन आ गई। वह मौके पर गया तो काफी लोग पटरियों पर पड़े थे। पुलिस की कहानी गले से उतर नहीं रही है क्योंकि अगर राजकीय रेलवे पुलिस का मुलाजिम मौके पर था तो उसने अपने अफसरों को क्यों जानकारी नहीं दी कि पटरी पर लोगों की भारी भीड़ है।
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