सूबे में 664 आम आदमी क्लीनिक कार्यरत हैं। इनमें अब तक 86 लाख से अधिक लोग स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मुख्यमंत्री अस्पताल कल्याण समिति के गठन के बारे में बताया कि सिविल अस्पतालों में लोगों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं में अन्य आवश्यक सुधार लागू करने की खातिर मुख्यमंत्री अस्पताल कल्याण समितियों का गठन किया जा रहा है। इनमें सिविल सर्जन, चिकित्सा अधीक्षक, एसएमओ, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देने वाली हस्तियां शामिल होंगी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार करने के बाद अब सब-डिवीजन और जिला स्तर के अस्पतालों की बारी। उन्होंने कहा कि इन अस्पतालों में बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार करने की नीति तैयार की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोगों को अधिक सुविधा देने के लिए 15 फरवरी से सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली मुफ्त दवाओं की संख्या 150 से बढ़ाकर 250 की जा रही है।
जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम के तहत लोगों को सुचारू स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए कपूरथला के अस्पताल को अमृतसर के मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाएगा। अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने इस कमी को दूर करने के लिए एक भर्ती योजना तैयार की है, जिसके तहत 1200 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 1800 सहायक स्टाफ के पद भरे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता आधारित नीति के तहत सेवानिवृत्त होने वाले डॉक्टरों की सेवा अवधि बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया गया है ताकि अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं में कोई ठहराव न हो। कपूरथला सिविल अस्पताल में बने आईसीयू के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह सेंटर कुछ ही हफ्तों में पूरी तरह कार्यशील हो जाएगा और लोगों को आवश्यक सेवाएं प्रदान करेगा।