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स्ट्रे डॉग्स के काटने से मरने वालों के परिजनों को पंजाब-हरियाणा देंगे मुआवजा

Wed, 01 Nov 2017 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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हरियाणा और पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि स्ट्रे डॉग्स के शिकार हुए लोगों के लिए पॉलिसी बना दी गई है। हरियाणा और पंजाब दोनों ने स्ट्रे डॉग्स के हमले के कारण हुई मौत की स्थिति में 1 लाख रुपये मुआवजा और फ्री इलाज का प्रावधान रखा है। हालांकि चंडीगढ़ ने इससे किनारा करते हुए कहा कि एमसी की हाउस बैठक में मुआवजे को लेकर सहमति नहीं बनी और ऐसी पॉलिसी से इनकार किया गया है। सभी के जवाब रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने बहस के लिए 8 नवंबर सुनवाई स्थगित कर दी।
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स्ट्रे डाग्स के हमलों की बढ़ती संख्या और उनके हमले का शिकार हुए लोगों की मौत के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई । इस दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि सरकार ने न सिर्फ लावारिश कुत्तों बल्कि अन्य लावारिश जानवरों जैसे सांड़, भैंस, घोड़े आदि के हमलों में जान गंवाने वालों को एक लाख रुपय मुआवजा देन का प्रावधान बना दिया है। इसी तरह इनके हमले में घायल होने वालों को उनकी अवस्था के अनुपात में एक लाख तक मुआवजा दिए जाने का निर्णय लिया गया है। यह पॉलिसी सभी नगर निगमों और परिषदों को भेजी जा चुकी है और इस पर इन सभी की सहमति भी मिल गई है।
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- फोटो : File Photo
पंजाब सरकार ने कहा कि इसे जल्द ही नोटिफाई कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार ने बताया कि सरकार ने लावारिश कुत्तों के काटने से हुई मौत के मामलों में मुआवजे का प्रावधान किया है। प्रावधान के अनुसार यदि मरने वाला कोई बच्चा है तो उसके लिए 50 हजार और अगर बड़ा है तो उसके लिए एक लाख रुपये का मुआवजा तय किया है। इसी तरह लावारिश कुत्तों के काटे जाने से घायल होने वालों के निशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है। अगर किसी कारणवश पीड़ित को निशुल्क इलाज नहीं मिला पता है तो उसे 2 हजार से लेकर 10 हजार रुपये तक की राशि इलाज के लिए जारी की जाएगी। 

चंडीगढ़ ने ऐसे किसी भी मुआवजे से साफ़ इंकार कर दिया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि निगम सदन की 29 सितंबर को हुई बैठक में लावारिस कुत्तों के काटे जाने वालों को किसी भी तरह का मुआवजा दिए जाने के प्रस्ताव को सभी सदस्य सर्वसम्मति से यह कह ख़ारिज कर चुके हैं कि म्यूनिसिपल एक्ट में इस तरह के मुआवजे का कोई प्रावधान ही नहीं है। इसके साथ ही प्रशासन ने हाई कोर्ट को बताया कि कुत्तों के काटे जाने वालों के लिए निशुल्क इलाज पहले ही दिया जा रहा है  और शहर के लगभग 9 से 10 हजार कुत्तों की नसबंदी भी की जा चुकी है।
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