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10 साल की बच्ची से दुराचार मामले में दोनों मामा दोषी करार, सजा का एलान कल

Wed, 01 Nov 2017 09:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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दस वर्षीय बच्ची से दुराचार करने और उसके बाद बच्ची के मां बनने के मामले में मंगलवार को जिला अदालत ने आरोपी दोनों मामा को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को आईपीसी की धारा 376 (2) (एफ) (आई) (एन) और 5 (एल) (एम) ऑफ 6 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। सजा दो नवंबर को सुनाई जाएगी।
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खास बात यह रही कि अदालत ने पहले आरोपी के खिलाफ 25 तो दूसरे आरोपी के खिलाफ मात्र 8 पेशियों में ही केस का ट्रायल पूरा कर दिया। केस का ट्रायल कुल 66 दिन चला। देश के करीब 450 फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी शायद इतनी कम पेशियों (25 और 8) में किसी केस में फैसला नहीं सुनाया गया होगा, जितना चंडीगढ़ जिला अदालत में महिला अपराध के मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई विशेष अदालत की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम आर जोशी की कोर्ट ने सुनाई है। यह केस देश-विदेश में तो चर्चा का विषय तो रहा ही, वहीं इसका तेजी से हुआ ट्रायल भी ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई और फैसले पर पहुंचने से देशभर की अन्य अदालतों के लिए नजीर बनेगा। अब बस दो नवंबर का इंतजार है। 

इस साल जुलाई में सामने आई दस वर्षीय बच्ची से दुराचार और उसके बाद उसके गर्भवती होने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया था। वहीं पीड़ित बच्ची से यह घिनौनी हरकत करने वाला कोई और नहीं उसका मामा ही निकला। मामले को पुलिस, समाजसेवियों, चिकित्सकों, न्यायपालिका के साथ ही मीडिया ने भी संजीदगी से लिया।
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मामले पर चंडीगढ़ जिला अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस पर विशेष सुनवाई की। वहीं मामले में एडीजे स्तर के जज को एमिक्स क्यूरी बनाते हुए केस की स्टेट्स रिपोर्ट हर सुनवाई पर अदालत में सौंपने के आदेश दिए गए। उच्चतम न्यायालय ने केस की हर सुनवाई पर विशेष तौर से नजर रखी। वहीं केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर चलाने के आदेश दिए।

105 दिन में आए कई उतार- चढ़ाव
18 जुलाई को एफआईआर दर्ज होने के बाद से लेकर 31 अक्तूबर तक 105 दिन में ही केस में कई उतार-चढ़ाव सामने आए। अगस्त में पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद आरोपी से नवजात का डीएनए मैच नहीं हुआ। पुलिस के साथ ही अदालत और पीड़ित परिवार के लिए सोच में पड़ गए। इसके बाद बच्ची की फिर से काउंसलिंग हुई तो दूसरे आरोपी (छोटा मामा) का नाम सामने आया। पुलिस ने बच्ची के बयान के आधार पर दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया। दूसरे आरोपी का डीएनए नवजात बच्ची से मेल खाया। इसके बाद केस का ट्रायल फिर से शुरू हुआ और 31 अक्तूबर को मुकाम पर पहुंच गया।

17 अगस्त को पीड़िता ने दिया था बच्ची को जन्म
दोनों मामा की हवस का शिकार हुई दस वर्षीय बच्ची ने इसी साल 17 अगस्त को बच्ची को जन्म दिया था। इससे पहले जिला अदालत की विशेष कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक बच्ची के गर्भपात की याचिका खारिज हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जीएमसीएच-32 के डॉक्टरों के विशेष पैनल ने बच्ची की जांच के बाद गर्भपात कराने से इंकार कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल को बच्ची के इलाज और डिलिवरी की जिम्मेदारी सौंपी थी। डॉक्टरों की विशेष देेखरेख में ही 10 वर्षीय पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया था। हालांकि परिजनों द्वारा इस बच्ची को पालने से इंकार करने पर उसे सेक्टर-15 स्थित आश्रय में भेज दिया था। अभी नवजात वहीं पल रही है। उसे गोद लेने के लिए अब तक देश-विदेश से कुल 136 लोगों की याचिका आ चुकी है।
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केस तारीख दर तारीख

प्रतीकात्मक तस्वीर
यह है मामला
इस साल जुलाई में 10 वर्षीय बच्ची के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद पता चला कि बच्ची छह माह की गर्भवती है। इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बच्ची ने बताया कि उसके मामा ने ही उससे कई बार गलत काम किया है। पुलिस ने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और मां की शिकायत के आधार पर आरोपी मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

केस तारीख दर तारीख
14 जुलाई 2017- बच्ची की मां की शिकायत पर मामा के खिलाफ सेक्टर-39 थाने में केस दर्ज।
18 जुलाई- जिला अदालत ने बच्ची के गर्भपात कराने की याचिका की खारिज
20 जुलाई- दुष्कर्म पीड़िता के गर्भपात के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
28 जुलाई- सुप्रीम कोर्ट ने 32 हफ्ते की गर्भवती 10 वर्षीय बच्ची के गर्भपात की इजाजत नहीं दी 
17 अगस्त- दस वर्षीय पीड़िता ने बच्ची को दिया जन्म
24 अगस्त- पुलिस ने आरोपी मामा के खिलाफ दायर किया चालान 
30 अगस्त- आरोपी मामा के खिलाफ आरोप तय
31 अगस्त- 10 वर्षीय दुराचार पीड़ित बच्ची और मां के हुए बयान दर्ज कराने के साथ ही शुरू हुआ ट्रायल 
8 सितंबर- नवजात बच्ची का डीएन आरोपी से नहीं हुआ मैच
19 सिंतबर- बच्ची की काउंसलिंग में छोटे मामा का नाम आया सामने, दोबारा मजिस्ट्रेटी बयान के बाद दूसरा आरोपी गिरफ्तार 
9 अक्तूबर- दस वर्षीय बच्ची से दुराचार के बाद हुई नवजात की डीएनए रिपोर्ट दूसरे आरोपी से मैच हुई।
10 अक्तूबर- पुलिस ने दूसरे आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की
11 अक्तूबर- दूसरे आरोपी के खिलाफ आरोप तय 
12 अक्तूबर- दुराचार पीड़ित बच्ची ने अदालत में दूसरे आरोपी के खिलाफ दी गवाही  
31 अक्तूबर- अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया
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