म्यूनिसिपल अथॉरिटी का गठन आम लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए किया गया था, लेकिन अब अगर समस्याओं का हल नहीं होने के लिए शिकायत न मिलने की दलील देना समझ से बाहर है। यह बात कहते हुए कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अगर शिकायत नहीं होगी तो क्या अधिकारी कोई काम नहीं करेंगे। अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वह खुद देखें की लोगों को कोई परेशानी तो नहीं है।
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी फगवाड़ा में नेशनल हाईवे के किनारे लगे कूडे़ के बड़े-बड़े ढेर को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए की है। फगवाड़ा के तरनजीत सिंह ने याचिका दायर कर बताया था कि नेशनल हाईवे के ब्रिज के पास गार्बेज डंपिंग एरिया बना दिया गया है। उसके पास रिहाइशी इलाका के अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठान और धार्मिक स्थल भी हैं।
हाईकोर्ट ने मामले में पंजाब सरकार सहित स्थानीय प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब में पंजाब के असिस्टेंट एडवोकेट जनरल ने बताया कि इस मामले की डीसी को शिकायत नहीं की गई थी। कोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर शिकायत नहीं की गई है तो क्या कार्रवाई भी नहीं की जाएगी। क्या किसी परेशानी पर लोगों को शिकायत करना जरूरी है। यह स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी हैं कि वह आम लोगों की हर दिक्कत को दूर करे न कि इसके लिए शिकायतों का इंतजार करते रहे।
अब घर-घर जाकर किया जाएगा कूड़ा एकत्र
फगवाड़ा नगर निगम के सहायक कमिश्नर सुरजीत सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने अब घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करने की स्कीम तैयार की है। स्कीम के तहत फगवाड़ा से 12 किलोमीटर दूर यह कूड़ा डाला जाएगा। इस स्कीम को दो सप्ताह में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने इस जानकारी पर स्थानीय प्रशासन को तब तक इस डंपिंग एरिया के सभी कूड़े को तत्काल यहां से गार्बेज डंपिंग एरिया में शिफ्ट करने के आदेश दे दिए हैं।